रामगढ़ में गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी तस्वीर, 51 सालों से हिंदू-मुस्लिम साथ निकालते हैं भव्य शोभा यात्रा
बरकाकाना में 51 वर्षों से रामनवमी पर भव्य शोभा यात्रा निकलती है, जो गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। मुस्लिम समुदाय के लोग भी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले ...और पढ़ें
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बजार में सज़ा केसारिया झंडा। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बरकाकाना (रामगढ़)। बरकाकाना में लगभग 51 वर्षों से रामनवमी पर भव्य शोभा यात्रा निकालने की परंपरा रही है। जहां गंगा जमुनी तहजीब के बीच बजरंगी झंडों के साथ राम भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ सभी धर्म और संप्रदाय के लोग मिलजुलकर शोभा यात्रा को सफल बनाते हैं। रामनवमी पर पीरी तेलियातू, बरकाकाना, सीआईसी बस्ती लाइन पार, सहित आसपास के क्षेत्र के भव्य झांकियां और हजारों लोगों की भीड़ निकलती है। जो विभिन्न मार्गो से होते हुए बरकाकाना स्टेशन चौक पहुंचती है। जहां लोग पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र से अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन करते हैं।
मुस्लिम समाज के लोग भी दिखाते हैं करतब
शास्त्र कला में पारंगत लोगों द्वारा हैरतअंगेज कारनामे में दिखाएं जाते हैं। वहीं राम भक्तों की सेवा में मुस्लिम भाई भी पानी शरबत चना गुड़ आदि का वितरण करने में जुटे रहते हैं।
वहीं राम भक्तों की सुविधाओं को लेकर मुस्लिम समाज के लोग पूरी तरह से तत्पर देखते हैं इतना ही नहीं शोभा यात्रा के बीच मुस्लिम समाज के लोग ही शास्त्र कला का प्रदर्शन भी करते हैं। जो की समाज में प्रेम सोहार्द और भाईचारे की भावना को और प्रबल कर देता है।
समाज में फूट डालते हैं नेता
लोग बताते हैं कि नेता राजनीतिक लाभ उठाने के लिए समाज में विभिन्न तरीकों से फूट डालते रहते हैं और सामाजिक तत्व भी किसी न किसी तरीके से विवाद खड़ा करने में लगे रहते हैं जबकि यहां के लोग हमेशा से एक जुट हैं और एक दूसरे का सम्मान करते हैं। या एक जुटता आगे भी बनी रहेगी।
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समाजसेवी गोपाल शरण राय ने कहा कि और अब पुराना समय नहीं रह गया लोग शिक्षित और सजग हो रहे हैं सही गलत की परख कर रहे हैं। सौहार्द से छोटे-मोटे बैर भाव मिलजुलकर दूर कर लेते हैं।
समाजसेवी महमूद हसन ने कहा कि सभी एक दूसरे का धर्म संप्रदाय का सम्मान करें और संविधान का पालन करते हुए देश को मजबूत और समृद्ध बनाएं। बैर भाव से समाज को पाटने के अलावा कुछ हासिल नहीं होता है।