रांची के हटिया यार्ड में वंदे भारत के लिए नई पिट लाइनें, बढ़ेगी क्षमता; अब झारखंड से खुलेंगी और भी नई ट्रेनें
हटिया यार्ड में वंदे भारत एक्सप्रेस के रखरखाव के लिए दो नई पिट लाइनों को रेलवे ने मंजूरी दी है। इससे रांची में ही ट्रेनों का मेंटेनेंस संभव होगा, जिसस ...और पढ़ें

हटिया यार्ड में ही दुरुस्त होंगी वंदे भारत ट्रेनें।
HighLights
हटिया यार्ड में दो नई वंदे भारत पिट लाइनें स्वीकृत।
रांची में ही होगा वंदे भारत ट्रेनों का स्थानीय रखरखाव।
क्षमता बढ़ने से भविष्य में अधिक वंदे भारत ट्रेनें संभव।
शक्ति सिंह, रांची। हटिया यार्ड में वंदे भारत एक्सप्रेस के मेंटेनेंस के लिए दो नई पिटलाइन के निर्माण कार्य को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर काम भी शुरू कर दिया गया है और इसे रांची रेल मंडल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सुविधा के शुरू होने के बाद रांची से चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा, जिससे यात्रियों को अधिक भरोसेमंद और समयबद्ध सेवा मिलेगी। इससे रांची से और अधिक वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की संभावना मजबूत होगी।
यह परियोजना झारखंड में रेलवे के आधुनिकीकरण को नई दिशा देगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना को पूरा होने में करीब डेढ़ से दो वर्ष का समय लगेगा।
क्षमता में होगा बड़ा विस्तार
वर्तमान में हटिया यार्ड में कुल आठ पिटलाइन हैं, जिनके जरिए लगभग 24 ट्रेनों का मेंटेनेंस किया जाता है। दो नई पिटलाइन बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। इसके साथ ही कुल मेंटेनेंस क्षमता बढ़कर करीब 30 ट्रेनों तक पहुंच जाएगी। यहां शेड भी लगाया जाएगा। नई पिट लाइनों में ओवरहेड क्रेन, आधुनिक लेथ मशीन और अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों बेहतर होगी।
रांची में चल रही हैं तीन वंदे भारत ट्रेनें
अभी रांची रेल मंडल से तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिनमें रांची-वाराणसी, रांची-हावड़ा और रांची-पटना रूट प्रमुख हैं। नई पिटलाइन बनने से इन ट्रेनों के रखरखाव के लिए दूसरे रेल मंडलों पर निर्भरता खत्म होगी और यहीं पर समय पर मेंटेनेंस हो सकेगा। इससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार होगा और रद्द या देरी जैसी समस्याएं कम होंगी।
खबरें और भी
क्या होती है पिटलाइन और क्यों है जरूरी
पिट लाइन रेलवे यार्ड में बनाई जाने वाली विशेष संरचना होती है, जहां ट्रेन को खड़ा कर उसके नीचे तक पहुंचकर तकनीकी निरीक्षण, साफ-सफाई और मरम्मत की जाती है। आधुनिक ट्रेनों, खासकर वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के लिए यह बेहद आवश्यक है। इसके जरिए ब्रेक, व्हील, सस्पेंशन और अंडरबाडी के महत्वपूर्ण हिस्सों की नियमित जांच की जाती है, जिससे किसी भी तकनीकी खराबी की समय रहते पहचान हो सके।
यात्रियों को होंगे ये बड़े फायदे
- ट्रेनों का मेंटेनेंस समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ होगा
- यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगी
- ट्रेन लेट होने की समस्या में कमी आएगी
- रांची से अधिक ट्रेनों के विकल्प उपलब्ध होंगे
- ट्रेनों की साफ-सफाई समय पर हो सकेगी
डीआरएम का बयान
हटिया यार्ड में बनने वाली नई पिटलाइन वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव को नई गति देगी। इससे रांची रेल मंडल की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। दो और पिटलाइन का निर्माण चल रहा है।
-केएन सिंह, डीआरएम, रांची रेल मंडल
यह भी पढ़ें- अयोध्या के बाद रांची से अजमेर के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी, 17 अप्रैल से साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
यह भी पढ़ें- गर्मी में यात्रियों को राहत, रांची और बोकारो होकर चलेगी पटना-चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन