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    एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रशांत बोस का RIMS में निधन, कोई अपना नहीं; 72 घंटे में प्रशासन करेगा अंतिम संस्कार

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 03:18 PM (GMT+05:30)

    एक करोड़ के इनामी माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस का रांची RIMS में निधन हो गया। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से शुक्रवार सुबह अस्प्ताल भेजा गया थ ...और पढ़ें

    नवंबर 2021 में झारखंड पुलिस ने सरायकेला से किया था गिरफ्तार। शुक्रवार की सुबह रिम्स के जेल वार्ड में निधन। (फोटो: फाइल)

    नवंबर 2021 में झारखंड पुलिस ने सरायकेला से किया था गिरफ्तार। शुक्रवार की सुबह रिम्स के जेल वार्ड में निधन। (फोटो: फाइल)

    HighLights

    1. पत्नी शीला मरांडी के साथ 2021 में हुए थे गिरफ्तार।

    2. रांची रिम्स में करीब दस बजे हुई प्रशांत बोस की मौत।

    राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद माओवादियों के सबसे बड़े पोलित ब्यूरो सदस्य एक करोड़ रुपये के इनामी रहे 80 वर्षीय प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बूढ़ा उर्फ निर्भय मुखर्जी उर्फ काजल उर्फ महेश का शुक्रवार की सुबह निधन हो गया।

    झारखंड पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसांवा जिले में गिद्दिबेड़ा टोल प्लाजा से चेकिंग के दौरान की थी। उसके साथ उसकी पत्नी शीला मरांडी भी गिरफ्तार हुई थी।

    प्रशांत बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के जादवपुर स्थित 7/12 सी विजयगढ़ कालोनी का निवासी था। शुक्रवार सुबह तबीयत खराब होने जेल प्रशासन ने रिम्स में एडिमट कराया। जहां उसने अंतिम सांस ली। जेल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    प्रशांत बोस माओवादियों का देश का दूसरा सबसे बड़े नेता था। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना व महाराष्ट्र में उनकी सक्रियता थी। वह इन राज्यों में भाकपा माओवादियों के गुरिल्ला आर्मी का नेतृत्व करता था। वर्ष 2004 से पहले वह माओवादियों के प्रमुख बन गया था।

    उसकी सक्रियता 90 के दशक में बढ़ी और इसके बाद हत्या, आपराधिक साजिश सहित सैकड़ों माओवादी घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही। सारंडा में 16 जवानों की शहादत सहित कई बड़ी घटनाओं में उसकी संलिप्तता का आरोप था।

    सुबह करीब 5.30 बजे बिगड़ी तबीयत, रिम्स में हुआ निधन

    जेल प्रशासन के अनुसार शुक्रवार की सुबह करीब 5.30 बजे उसकी तबीयत खराब हुई। उसे वार्ड से जेल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां जेल के चिकित्सक ने उसे रिम्स रेफर कर दिया।

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    रिम्स में उसे भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब शव का बोर्ड के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसे 72 घंटे के लिए शीतगृह में रखा जाएगा।

    घर में नहीं है कोई, प्रशासन के माध्यम से होगा अंतिम संस्कार

    जेल प्रशासन ने प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी ने जेल प्रशासन को बताया कि प्रशांत बोस के घर में आगे पीछे कोई नहीं है। प्रशांत बोस का एक भाई अमेरिका में है, जिसे सूचना देने का प्रयास किया जाएगा। जेल प्रशासन ने रांची के उपायुक्त से भी बातचीत की है।

    तय हुआ है कि शव लेने अगर कोई नहीं आएगा तो शव का अंतिम संस्कार 72 घंटे इंतजार के बाद पूरे सम्मान के साथ प्रशासन के माध्यम से कराया जाएगा।

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