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    झारखंड में पेपर लीक को लेकर गरमाई राजनीति, संसद से लेकर सड़क तक हेमंत सरकार को घेरेगी BJP

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 06:52 AM (IST)

    भाजपा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी। ...और पढ़ें

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू। (फाइल फोटो)

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. भाजपा जेपीएससी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।

    2. जिला स्तर से रांची तक प्रदर्शन की योजना बनाई गई।

    3. पार्टी कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी आंदोलन तेज करेगी। इसके लिए जिला स्तर से लेकर रांची में प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने युवा मोर्चा के जरिए जेपीएससी कार्यालय पर प्रदर्शन कराकर इसे आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जेपीएससी मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग कर चुके हैं।

    भाजपा जेपीएससी के मामले में कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। पेपर लीक रोकने को लेकर प्रस्तावित विधेयक पर संसद के चर्चा के दौरान भी पार्टी झारखंड के मुद्दे को उठा सकती है।

    कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकारें पेपर लीक की फैक्ट्री बनीं : प्रदीप वर्मा

    राज्यसभा सदस्य और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा है कि झामुमो, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारें युवाओं को पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने में पूरी तरह विफल रही हैं।

    इन सरकारों के कार्यकाल में परीक्षा माफिया, दलालों और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिलने के आरोप लगातार सामने आते रहे, लेकिन जिम्मेदार सरकारों ने अपनी प्रशासनिक विफलताओं को स्वीकार करने की बजाय राजनीतिक बयानबाजी और लीपापोती का रास्ता अपनाया।

    राज्य की झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के कार्यकाल में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह अविश्वसनीय बन चुकी है। 28 जनवरी 2024 को आयोजित जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा की तीसरी पाली का सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद करनी पड़ी।

    इसके बाद फरवरी 2025 में झारखंड अधिविद्य परिषद की कक्षा दसवीं की हिंदी और विज्ञान परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए तथा दोनों परीक्षाएं रद करनी पड़ीं।

    यह स्थिति राज्य सरकार की घोर प्रशासनिक विफलता और परीक्षा माफिया के सामने उसके आत्मसमर्पण को उजागर करती है।

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