झारखंड में पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म! लड़खड़ाया ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, हर रूट पर 10 में से 6 पंप बंद
राज्य में गहराते डीजल संकट के कारण रांची सहित झारखंड में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी से मालवाहक ट्रक, बसें ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, रांची। राज्य में गहराते डीजल संकट का असर अब सीधे ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी के कारण मालवाहक ट्रक, बसें और स्कूल वाहन प्रभावित हो रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि कई ट्रक हाईवे किनारे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि चालक टैंकरों से डीजल लेकर किसी तरह गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कोकर और नामकुम औद्योगिक क्षेत्र में डीजल नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में ट्रक सड़क किनारे खड़े रहे।
ट्रक चालकों का कहना है कि झारखंड के लगभग हर रूट पर 10 में से 6 पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। कई पंपों पर सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। चालकों के अनुसार, 100 लीटर की टंकी में केवल 20 लीटर डीजल ही मिल पा रहा है, जिससे लंबी दूरी तय करना मुश्किल हो गया है।
क्रेडिट पर नहीं मिल रहा डीजल
ट्रक चालकों ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर अब उधार या क्रेडिट पर डीजल देना भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में चालक पहले व्यापारियों और पार्टी से एडवांस राशि लेकर माल ढुलाई कर रहे हैं। भारी लोड के कारण ट्रकों का माइलेज भी कम हो रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। कई मालवाहक वाहन रास्ते में ही बंद हो रहे हैं और चालकों को बीच सड़क पर संकट झेलना पड़ रहा है।
पंडरा मंडी का कारोबार प्रभावित
पंडरा के व्यापारियों ने बताया कि रांची में आलू, प्याज और खाद्य सामग्री देश के करीब 12 राज्यों से आती है। रोजाना 200 से अधिक मालवाहक ट्रक यहां पहुंचते हैं, लेकिन डीजल संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। जो ट्रक पहले दो दिनों में पहुंच जाते थे, अब उन्हें पांच दिन तक लग रहे हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई कि डीजल महंगा होने और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से जल्द ही भाड़ा दरों में भी वृद्धि होगी, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
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स्कूल बस चालकों की बढ़ी परेशानी
स्कूल बस चालकों ने भी डीजल संकट पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो स्कूल बस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
डीजल नहीं मिलने से स्कूल बस चलाना मुश्किल हो गया है। कई पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं और जहां डीजल मिल भी रहा है, वहां सीमित मात्रा दी जा रही है। इससे बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाने में परेशानी हो रही है और रोजाना बस संचालन प्रभावित हो रहा है।
एनएम खलखो, बस चालक, रांची
पिछले कुछ दिनों से डीजल संकट के कारण बस चालकों की परेशानी बढ़ गई है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल रहा। अगर यही स्थिति रही तो स्कूल बसें समय पर नहीं चल पाएंगी और अभिभावकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
सेवक कुमार महतो, बस चालक, रांची
डीजल की कमी से मालवाहक ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पहले जो माल दो दिनों में पहुंच जाता था, अब पांच दिन लग रहे हैं। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से आलू-प्याज और अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी बढ़ सकते हैं, जिसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा।
रोहित कुमार, सचिव, आलू-प्याज व्यापार संघ रांची, पंडारा
राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर अस्थायी कमी की स्थिति बनी है, लेकिन जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बहाल हो जाएगी। लोगों से अपील है कि घबराकर अनावश्यक खरीदारी न करें, स्थिति नियंत्रण में है।
प्रमोद कुमार, प्रवक्ता, झारखंड पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन संघ