यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sahara Group: निवेशकों का 'सहारा' बनेगी हेमंत सरकार, पैसा वापस लाने के लिए करने जा रही ये काम
Jharkhand News झारखंड सरकार सहारा समूह (Sahara Group) के निवेशकों को उनकी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने के लिए एक आयोग का गठन करने जा रही है। इस आयोग की अध्य ...और पढ़ें

HighLights
- आयोग गठित करने का प्रस्ताव तैयार, सहमति मिलते ही होगी घोषणा
- राज्य में सहारा समूह के 50 लाख से अधिक निवेशक
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड सरकार राज्य में सहारा समूह के निवेशकों का सहारा बनेगी। राज्य में सहारा निवेशकों को उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे वापस दिलाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है।
इसके लिए हाल ही में संपन्न विधानसभा के बजट सत्र में जोरशोर से बातें उठी थी तो सरकार ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अब राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।
निवेशकों को राहत देने के लिए सरकार एक आयोग का गठन करेगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसपर विभिन्न आवश्यक विभागों की सहमति और कानून विशेषज्ञों की मंजूरी मिलने के बाद मंत्रिपरिषद के विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य में सहारा समूह के 50 लाख से अधिक निवेशक हैं और इनका करोड़ों रुपये फंसा है। आयोग के जरिए निवेशकों को राहत पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष संपन्न विधानसभा चुनाव में भी सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उछाला था। मोर्चा ने सत्ता में आने पर इस दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। आयोग के गठन की प्रक्रिया इसी कवायद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हाई कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग
प्रस्ताव के मुताबिक आयोग की अध्यक्षता झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के जिम्मे होगी। इसमें विधि विशेषज्ञों और आर्थिक विषयों के जानकार को भी जगह दी जाएगी।
आयोग का सचिव राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी होंगे। एक नीयत समय में आयोग अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार के प्रस्तुत करेगी। आयोग सहारा समूहों में निवेशकों के निवेश से संबंधित दस्तावेज जुटाएगी। इससे ऐसे निवेशकों को मदद मिलेगी, जिनके पैसे की वापसी का दावा रिफंड पोर्टल से खारिज हो चुका है।