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    वेतन घोटाले के बाद झारखंड में सरकारी विभाग हुए सतर्क, DDO की जवाबदेही तय

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 03:10 PM (IST)

    बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी में वेतन घोटाले के बाद झारखंड सरकार के विभाग सतर्क हो गए हैं। अब डीडीओ की यह स्पष्ट जवाबदेही होगी कि वे राशि की निकासी से प ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

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    HighLights

    1. बोकारो-हजारीबाग वेतन घोटाले के बाद सरकार सतर्क।

    2. स्वास्थ्य विभाग ने ₹18.98 करोड़ वेतन आवंटन किया।

    3. डीडीओ की अवैध निकासी पर अब पूरी जवाबदेही।

    राज्य ब्यूरो, रांची। बोकारो एवं हजारीबाग के ट्रेजरी से हुए वेतन घोटाला सामने आने के बाद अब राज्य सरकार के विभाग भी सतर्क हो गए हैं।

    निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) की स्पष्ट जवाबदेही तय की जा रही है, ताकि उसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

    स्वास्थ्य विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में कर्मियों के वेतन के लिए लगभग 18.98 करोड़ रुपये के आवंटन जारी किए हैं, जिसमें राशि की निकासी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    हालांकि, आवंटन आदेश में पूर्व में भी वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की बात कही जाती थी, लेकिन इस बार स्पष्ट दिशा-निर्देश विभाग की ओर से भी दिया गया है।

    कहा गया है कि डीडीओ का यह दायित्व होगा कि वे राशि की निकासी करने के पूर्व संतुष्ट हो लेंगे कि जिस राशि की निकासी की जा रही है, वह सही है एवं इसकी पूर्व में निकासी नहीं की गई है। किसी भी प्रकार की अवैध निकासी का उत्तरदायित्व संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी का होगा।

    विभाग ने कहा है कि राशि की निकासी के पूर्व संबंधित बिल पर निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी इस आवंटन आदेश की संख्या एवं तिथि का उल्लेख करेंगे।

    वे इस आशय का प्रमाण पत्र भी बिल पर अंकित करेंगे कि उसमें निहित राशि की निकासी बजट उपबंध एवं आवंटित राशि के अधीन की जा रही है एवं राशि की निकासी के लिए वे स्वयं सक्षम पदाधिकारी हैं।

    प्रत्येक बिल के साथ आवंटन आदेश की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा है कि आवंटित राशि के मुख्य शीर्ष/लघु शीर्ष/उप मुख्य शीर्ष/उपशीर्ष/विस्तृत शीर्ष का मुहर तैयार कर बिल पर अंकित करेंगे ताकि महालेखाकार कार्यालय द्वारा लेखा संधारण में किसी प्रकार की भूल न हो सके।

    विभाग ने आवंटन आदेश में कहा है कि प्रत्येक डीडीओ पूरी तरह सुनिश्चित हो लेंगे कि इकाईवार व्यय संबंधित इकाई में आवंटित राशि के अंतर्गत है। अधिक व्यय होने पर इसकी पूरी जवाबदेही उनकी होगी।

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