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    JPSC गड़बड़ी के बाद एक्शन में झारखंड सरकार, 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति रोकी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 02:06 AM (IST)

    जेपीएससी में गड़बड़ियों के बाद झारखंड सरकार सतर्क हो गई है और विभिन्न विभागों में हुई नियुक्तियों की जांच कर रही है। ...और पढ़ें

    जेपीएससी। (जागरण)

    जेपीएससी। (जागरण)

    HighLights

    1. जेपीएससी गड़बड़ी के बाद झारखंड सरकार हुई सतर्क।

    2. 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति पर लगी रोक।

    3. प्रमाणपत्रों की कड़ाई से जांच कर रहे विभाग।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आने के बाद राज्य सरकार के कई विभाग भी सतर्क हो गए हैं।

    विभाग हाल में हुई नियुक्तियों तथा होनेवाली नियुक्तियों की जांच में जुट गए हैं। जेपीएससी तथा जेएसएससी से अनुशंसित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की कड़ाई से जांच हो रही है।

    इस कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाल ही में नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में गड़बड़ियां पकड़ी हैं। 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की डिग्री एक ही संस्थान से मिलने पर नियुक्ति संदेह के घेरे में आ गई है। इनकी नियुक्ति पर फिलहाल रोक भी लगा दी गई है।

    हाल के दिनों में जेएसएससी के माध्यम से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सहित विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां हुई हैं। साथ ही कई पदों पर नियुक्ति की अनुशंसाएं भी हुई हैं।

    ऐसे सभी मामले में विभाग सतर्कता बरतते हुए अनुशंसित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की कड़ाई से जांच पर जोर दे रहे हैं ताकि बाद में नियुक्ति विवाद में होने पर विभाग पर किसी तरह की उंगली न उठे।

    विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होनेवाली शिकायतों की भी जांच की जा रही है। जेएसएससी के माध्यम से कई विषयों में माध्यमिक आचार्य के पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसाएं की गई हैं।

    पहली बार साइबर सेक्युरिटी, एआई आदि विषयों में अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसाएं हुई हैं, जिनकी डिग्री की जांच कड़ाई से की जा रही है।

    जाति और आवास प्रमाणपत्र में भी हुआ है फर्जीवाड़ा

    नियुक्तियों और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए नामांकन में फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी लेने के मामले भी पिछले छह महीनों में सामने आए हैं।

    रिम्स में एमबीबीएस में नामांकन लेनेवाली एक छात्रा के आपराधिक मामले में संलिप्तता के बाद उसके जाति प्रमाणपत्र को भी फर्जी पाया गया था।

    जेपीएससी की नियुक्तियों में भी आवासीय प्रमाणपत्र को लेकर कई तरह की शिकायतें मिली हैं। ऐसे में विभाग के स्तर पर आंतरिक सक्रियता बढ़ा दी गई है।

    निजी विश्वविद्यालयों द्वारा बिना संबद्ध संस्थान से मान्यता लिए ही कई तरह के कोर्स कराए जा रहे हैं। इन डिग्रियों पर भी अब जांच की जा रही है।

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