Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    परिवहन विभाग में नियुक्ति और पार्षद चुनाव मामले में फंसी झारखंड सरकार! हाई कोर्ट ने मांगा जवाब 

    Updated: Sun, 17 May 2026 01:17 AM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट ने मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआइ) के पदों पर गैर-परिवहन विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार से जवाब मांग ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआइ) के पदों पर गैर-परिवहन विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। अदालत एमवीआइ पद पर नियुक्ति हुए सभी सात लोगों को नोटिस जारी किया है।

    मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। इस संबंध में सुनील कुमार महतो ने याचिका दायर कर एमवीआइ की नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 17 मार्च 2026 को एक आदेश जारी कर पीएचईडी, गृह, वन व अन्य विभाग के सात लोगों को एमवीआइ पद पर नियुक्ति करते हुए एक से अधिक जिलों का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया है।

    आरोप है कि ये सातों अधिकारी झारखंड मोटर वाहन निरीक्षक संवर्ग नियमावली, 2010 के तहत न तो सीधी भर्ती द्वारा चुने गए हैं, न ही इनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं हैं।

    हाई कोर्ट के 29 जनवरी 2015 के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भविष्य में ऐसे व्यक्ति को एमवीआइ के पद पर तैनात नहीं किया जाए, जो इस पद के लिए सक्षम नहीं है।

    प्रार्थी ने 17 मार्च 2026 के आदेश के आदेश को निरस्त करने, राज्य सरकार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से जल्द से जल्द एमवीआइ की नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और इन सात अधिकारियों के कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।

    वार्ड पार्षद चुनाव मामले में सरकार से मांगा जवाब

    हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रांची नगर निगम के वार्ड पार्षद चुनाव में शपथपत्र की जांच के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार, रांची के उपायुक्त, एसडीओ और वार्ड 16 से चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया है।

    खबरें और भी

    अदालत ने सभी को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रार्थी नाजिमा रजा ने याचिका दाखिल की है। वार्ड 16 से सलाउद्दीन असलम पार्षद निर्वाचित हुए है।

    नाजिमा रजा भी इस वार्ड से चुनाव लड़ी थीं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वार्ड के कई प्रत्याशियों ने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी तथा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा।

    अदालत को बताया गया कि चुनाव के समय ही कथित अनियमितताओं की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग, उपायुक्त और एसडीओ के समक्ष की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में कहा गया है कि कई प्रत्याशियों ने अपने शपथ पत्र में तथ्यों को छिपाया तथा कुछ दस्तावेज फर्जी तरीके से प्रस्तुत किए।

    यह भी पढ़ें- नौकरी मिलने पर नहीं रोका जा सकता वकीलों का एनरोलमेंट सर्टिफिकेट, झारखंड हाई कोर्ट का आदेश

    यह भी पढ़ें- महंगाई के खिलाफ झारखंड कांग्रेस का हल्लाबोल, बीजेपी ने बताया 'घिनौनी हरकत'