JPSC आंदोलन: सरकार और छात्रों के बीच आज फिर बातचीत, प्रदर्शनकारी बोले- मांगे नहीं मानी तो होगा विधानसभा घेराव
झारखंड में JPSC-JSSC गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है, आज 7 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिलेगा। छात्र परीक्षा रद्द करने और ...और पढ़ें
HighLights
JPSC-JSSC गड़बड़ी पर छात्रों का आंदोलन 17वें दिन जारी।
7 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आज सरकार से करेगा बात।
मांगें न मानने पर 10 तारीख को विधानसभा घेराव की चेतावनी।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड में JPSC-JSSC में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। दूसरी ओर सरकार से लगातार बातचीत भी हो रही है। आज एक बार फिर 7 छात्रों का डेलीगेशन दोपहर 12 बजे होगा सरकार की कमेटी से मिलेगा। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा रद करने और मामले की CBI जांच को लेकर अड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारी छात्र विपिन कुमार ने बताया, "आज हमारे 7 लोग सरकार से बातचीत करेंगे। हम अपनी मांगों पर अडिग है। हमारी मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा और JSSC-CGL को लेकर CBI जांच और जितनी भी परीक्षाओं में अनियमितता पाई गई हैं, उसे रद किया जाए।"
विपिन ने कहा कि JPSC-JSSC में सुधारों की आवश्यकता है, इसे लेकर भी छात्रों ने अपनी मांगें रखी हैं। यदि आज के दिन सरकार की ओर से कोई नोटिस नहीं आता है, तो कल यानी 10 तारीख को हम विधानसभा का पुरजोर तरीके से घेराव करने वाले हैं। इसको लेकर सारे छात्रों से आह्वान किया गया है, क्योंकि यह आंदोलन शांतिपूर्वक है और अपनी जायज मांगों को लेकर है।
कई दौर की बातचीत में नहीं बन पाई बात
सरकार और कई छात्र समूहों के बीच शुक्रवार और शनिवार को हुई बातचीत से गतिरोध खत्म नहीं हो पाया, जिसके बाद बातचीत का छठा दौर करने का फैसला लिया गया।
रविवार तड़के करीब 3 बजे रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में महतो की हालत अचानक बिगड़ गई, जहां छात्र 25 जुलाई से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों ने उनका ब्लड ग्लूकोज लेवल 53 दर्ज किया।
सरकार पर छात्रों के बीच फूट डालने का आरोप
सरकार ने छात्रों के कई संगठनों से बातचीत की है, जिसमें कांग्रेस और JMM का छात्र संगठन भी शामिल है। हालांकि JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने इस कदम की आलोचना की है।
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने सरकार पर प्रदर्शनकारी छात्रों को बांटने और उनकी मांगों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
पासवान ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों के बीच फूट डालने और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं।"
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सीएम सोरेन से बाचतीत के बाद फैसला
बातचीत का एक और दौर करने का फैसला तब लिया गया जब सरकारी समिति ने शनिवार शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लगभग चार घंटे तक मुलाकात की।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री को अलग-अलग छात्र प्रतिनिधिमंडलों की मांगों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के साथ बैठक में यह तय किया गया कि विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत का अंतिम दौर रविवार को दोपहर 12 बजे होगा।"
इतनी हठधर्मिता नहीं अपनानी चाहिए: आदित्य साहू
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर कहा कि राज्य सरकार को इतनी हठधर्मिता नहीं अपनानी चाहिए। वहां पर छात्रों की स्थिति बहुत खराब है। वे जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। इस सरकार ने ये स्थिति प्रदेश में पैदा ही क्यों होने दी?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बड़ी-बड़ी बात कर रहे थे, प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे थे और वे यहां पर छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। आपके समर्थन वाली सरकार इस राज्य में चल रही है। आप सरकार से बात करें।
साहू ने कहा कि बच्चों की मांग है कि CBI से जांच हो क्योंकि विगत 6 वर्षों से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि CBI जांच नहीं होती है तो कांग्रेस को मुख्यमंत्री के आवास के बाहर धरना करना चाहिए और उनसे दो टूक कहना चाहिए कि यदि आप छात्रों की मांगें नहीं मानते हैं तो हम आपसे समर्थन वापस लेंगे।