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    84 हजार रसोइयों को साड़ी देगी सरकार, झारखंड में खत्म होगा मिड-डे मील फंड का संकट; 30 सितंबर तक बढ़ी समग्र शिक्षा की अवधि

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 01:10 PM (IST)

    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने समग्र शिक्षा अभियान और पीएम पोषण योजना को 30 सितंबर 2026 तक या 16वें वित्त आयोग की स्वीकृति तक बढ़ा दिया है। झारखंड सरकार ...और पढ़ें

    झारखंड में समग्र शिक्षा और पीएम पोषण योजना की अवधि बढ़ी। (फोटो: सांकेतिक)

    झारखंड में समग्र शिक्षा और पीएम पोषण योजना की अवधि बढ़ी। (फोटो: सांकेतिक)

    HighLights

    1. समग्र शिक्षा, पीएम पोषण योजना की अवधि बढ़ी।

    2. योजनाओं को 30 सितंबर 2026 तक विस्तार मिला।

    3. झारखंड में 84 हजार रसोइयों को मिलेगी साड़ी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने समग्र शिक्षा अभियान तथा पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) को अवधि विस्तार देने का निर्णय लिया है। इन केंद्रीय योजनाओं की अवधि 31 मार्च को खत्म हो गई थी।

    अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्णय का हवाला देते हुए इन योजनाओं को 30 सितंबर 2026 या 16वें वित्त आयोग द्वारा स्वीकृत होनेवाली अवधि तक के लिए विस्तार दिया है। इसे लेकर राज्य सरकार को पत्र मिल गया है। इन योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक के अवधि विस्तार के लिए 16वें वित्त आयोग से स्वीकृति ली जानी है।

    इधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इन योजनाओं का बजट प्रस्ताव भी राज्य सरकार से मांगा है। इसे लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद तथा झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण तैयारियों में जुट गया है।

    फिलहाल पुरानी योजनाओं को आधार बनाते हुए बजट राशि निर्धारित की जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा बजट प्रस्ताव के साथ मांगे गए सभी डेटा का भी जिलावार संकलन किया जा रहा है।

    उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में प्रोग्राम एप्रूवल बोर्ड की बैठक मई के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकती है।

    मध्याह्न भोजन बनानेवाली रसोइया को मिलेगी साड़ी

    राज्य सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन बनानेवाली महिला रसोइया को इस बार साड़ी देने का भी निर्णय लिया है। इसे लेकर न केवल राज्य बजट में राशि का प्रविधान किया गया है, बल्कि इसका प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है।

    इसपर योजना प्राधिकृत समिति तथा कैबिनेट की भी स्वीकृति ली जानी है। लगभग 84 हजार महिला रसोइया को साड़ी देने की तैयारी है। इससे पहले उन्हें एप्रान दिया गया था।

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