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    धान खरीद पर झारखंड विधानसभा में घमासान, विपक्ष बोला—सरकार बिचौलियों को दे रही बढ़ावा

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 06:57 PM (IST)

    झारखंड विधानसभा में धान खरीद का मुद्दा उठा, जहां विपक्ष ने सरकार पर मार्च तक खरीद जारी रखकर बिचौलियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। विधायक अरुप चटर्जी ...और पढ़ें

    सरकार ने किया स्वीकार, 4,400 लैम्पस-पैक्स में सात-आठ सौ ही क्रियाशील।

    सरकार ने किया स्वीकार, 4,400 लैम्पस-पैक्स में सात-आठ सौ ही क्रियाशील।

    HighLights

    1. विपक्ष ने मार्च तक धान खरीद को बिचौलियों को बढ़ावा बताया।

    2. मंत्री ने 50% से अधिक धान खरीद, समय विस्तार की बात कही।

    3. सरकार ने कम लैम्पस-पैक्स स्वीकारे, मैपिंग और नए केंद्र का आश्वासन।

    राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में गुरुवार को किसानों से धान क्रय के लक्ष्य पूरा नहीं होने का मामला उठा। विधायक अरुप चटर्जी ने किसानों से धान क्रय नहीं होने का मामला अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से उठाते हुए कई प्रखंडों के उदाहरण दिए, जहां धान क्रय के लिए धान अधिप्राप्ति केंद्र संचालित हैं।

    उन्होंने प्रत्येक प्रखंड में कम से कम छह ऐसे केंद्र खोलने की मांग की ताकि किसान वहां धान क्रय कर सकें। कहा, बिचौलिए 1,600 रुपये क्विंटल धान किसानों से खरीद रहे हैं। बाद में उसी धान को वे पैक्स में 2,400 रुपये बेचेंगे। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि मार्च तक धान खरीदकर सरकार बैचाैलियों को बढ़ावा दे रही है।

    विधायक के सवाल के जवाब में खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि लक्ष्य के विरुद्ध 50 प्रतिशत से अधिक धान का क्रय हो चुका है। 31 मार्च तक का समय है। इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

    इसपर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार को जनवरी तक ही धान क्रय कर लेना चाहिए था। 31 मार्च तक समय देकर बिचौलिए को प्रोत्साहन दे रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि गोदाम के लिए टेंडर की जगह भाड़े पर जगह लें।

    मंत्री ने माना- मैन पावर की कमी है

    किसानों की जेब में पैसे जाए इसका प्रयास हो। उन्होंने कहा कि बोर्डर पर अधिक धान की खरीदारी हुई है। प्रत्येक प्रखंड में कम से कम छह धान अधिप्राप्ति केंद्र खाेलने की मांग पर मंत्री ने कहा कि मैन पावर की कमी है। हालांकि इसके लिए उन्होंने प्रयास करने का आश्वासन दिया।

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    इस बीच कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सदन में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि 4,400 लैम्पस-पैक्स की जगह सात-आठ सौ लैम्पस-पैक्स ही क्रियाशील हैं।

    उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग से समन्वय बनाकर सभी 24 जिलों में मैपिंग कराई जाएगी तथा अधिक से अधिक लैम्पस-पैक्स खोले जाएंगे, ताकि किसानों से समय पर धान की खरीदारी हो।

    इधर, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि दिसंबर-जनवरी में धान खरीदने पर एक क्विंटल में 10 किग्रा धान सूखने के नाम पर काटा जाता था। लेकिन मार्च माह में भी ऐसा कर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

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