झारखंड राज्यसभा चुनाव: एनडीए की बैठक में ही तय होगा प्रत्याशी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- जुटाएंगे समर्थन
जदयू प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो ने पुष्टि की है कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए अपना प्रत्याशी उतारेगा, जिसका निर्णय गठबंधन की बैठक में होगा। एनडीए के पास 2 ...और पढ़ें

झारखंड राज्यसभा चुनाव: एनडीए उतारेगा प्रत्याशी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने दिए संकेत।
HighLights
एनडीए राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारेगा।
प्रत्याशी का फैसला गठबंधन बैठक में होगा।
जीत के लिए अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाएंगे।
राज्य ब्यूरो, रांची। एनडीए के घटक दल जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य खीरू महतो ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए जरूर प्रत्याशी देगा। प्रत्याशी किसका होगा, यह एनडीए की बैठक में ही तय होगा। उन्होंने कहा कि उस बैठक में भाजपा के साथ-साथ जदयू, आजसू तथा लोजपा (आर) भी शामिल होगा। अभी कुछ तय नहीं हुआ है।
एनडीए के पास महज 24 विधायक ही होने तथा एक सीट पर जीत के लिए न्यूनतम 28 विधायकों के मत की आवश्यकता के सवाल पर कहा कि पहले तो यह तय हो कि चुनाव कौन लड़ेगा। बैठक में यह तय हो जाएगा तो जीत सुनिश्चित करने की रणनीति भी बनाई जाएगी।
चार अन्य विधायकों का समर्थन कहां से मिलेगा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वोटिंग के समय विधायक विचार करेंगे कि कौन योग्य प्रत्याशी है और कौन गरीब-गुरबा की पार्टी है। एनडीए के भविष्य और नरेन्द्र मोदी को ध्यान में रखते हुए भी विधायक वोट दे सकते हैं।
राज्यसभा चुनाव में क्या एनडीए से जदयू भी प्रत्याशी दे सकता है, के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव कौन लड़ना नहीं चाहता है। झारखंड से तो बिहार के दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उस समय झारखंड में जदयू के पांच-छह विधायक थे।
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झारखंड के निवासी होते हुए भी वे स्वयं (खीरू महतो) बिहार से राज्य सभा सदस्य निर्वाचित हैं। इसलिए आगे क्या होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई बाहरी व्यक्ति एनडीए का प्रत्याशी नहीं होगा। पहले इस तरह होता रहा है, लेकिन अब नहीं होगा।
बताते चलें कि भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी देने की घोषणा कर दी है। झारखंड विधानसभा में इसके 21 विधायक हैं, जबकि इसके सहयोगी दल आजसू, जदयू तथा लोजपा (आर) के एक-एक विधायक हैं।
इस तरह, इसके पास 24 संख्या बल है, जबकि प्रथम वरीयता के आधार पर एक सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कम से कम चार और विधायकों का समर्थन चाहिए।
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