Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Jharkhand News: आपका राशन कार्ड हो सकता है रद, 30 जून से पहले करा लें ये जरूरी काम 

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 03:12 PM (IST)

    झारखंड सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारियों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली ...और पढ़ें

    राशन कार्ड के नियम सख्त। फाइल फोटो

    राशन कार्ड के नियम सख्त। फाइल फोटो

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब राशन कार्डधारियों पर सख्ती बढ़ने वाली है। झारखंड सरकार ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर हर लाभुक का आधार आधारित E-KYC अनिवार्य कर दिया है।

    सरकार के निर्देशों में साफ कहा गया है कि तय समय सीमा में सत्यापन नहीं होने पर अपात्र और संदिग्ध लाभुकों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। सरकार ने यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और वर्षों से चल रही गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए उठाया है।

    3 महीने का अल्टीमेटम

    सरकार के आदेश के आलोक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अप्रैल से जून 2026 तक का कड़ा शेड्यूल तय किया है।

    इसके तहत 30 अप्रैल तक पहला चरण, 31 मई तक दूसरा चरण और 30 जून तक अंतिम मौका दिया जाएगा। यानि, तीन महीने के भीतर सभी राशन कार्डधारियों को ई-केवाइसी कराना हर हाल में जरूरी होगा।

    घर-घर पहुंचेगी टीम, फिर भी चुनौती बड़ी

    निर्देश के अनुसार, राशन डीलर, प्रज्ञा केंद्र (सीएससी) और तकनीकी एजेंसियां मिलकर डोर-टू-डोर अभियान चलाएंगी। विजनटेक जैसी एजेंसियों को इसमें जोड़ा गया है, लेकिन पलामू जैसे जिलों में नेटवर्क की समस्या, तकनीकी खामियां और जागरूकता की कमी इस अभियान के सामने बड़ी बाधा बन सकती है। दूर-दराज के गांवों में पहले भी आनलाइन प्रक्रियाओं में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है।

    लापरवाही पर प्रशासन जिम्मेदार

    सरकार ने साफ कर दिया है कि इस अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उपायुक्तों को खुद मॉनिटरिंग करने और नियमित समीक्षा का निर्देश दिया गया है। इस अभियान का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो फर्जी तरीके से राशन ले रहे हैं।

    जिनका नाम डुप्लीकेट है और मृत लाभुकों के नाम अब तक सूची में हैं। ऐसे सभी मामलों को ई-केवाइसी के जरिए चिन्हित कर हटाया जाएगा। हालांकि, इस सख्ती के बीच यह भी सच है कि तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण कई पात्र गरीब परिवारों का नाम भी कट सकता है।

    खबरें और भी

    हालांकि पिछले अनुभव बताते हैं कि ई-केवाइसी या आधार लिंकिंग में गड़बड़ी के कारण कई जरूरतमंद लोग राशन से वंचित हो जाते हैं।

    यह भी पढ़ें- रामायण सर्किट स्पेशल ट्रेन बक्सर पहुंची; रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं ने किया रामेश्वरनाथ शिवलिंग का पूजन