JPSC-JSSC विवाद: सड़कों पर डटे अभ्यर्थियों के समर्थन में आई आजसू, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
आजसू पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। ...और पढ़ें

सुदेश महतो। (फाइल फोटो)
HighLights
छात्र 12 दिनों से जेपीएससी-जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे।
आंदोलनकारी अधिकारियों की बर्खास्तगी, परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे।
आजसू पार्टी ने छात्रों के समर्थन में राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, रांची। 12 दिनों से छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे मूसलाधार वर्षा में निष्पक्ष भर्ती परीक्षा, अब तक हुई हकमारी की जिम्मेदारी तय करने, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सभी सदस्यों को बर्खास्त करने, उन्हें उनके वर्तमान पदों से हटाने तथा दोनों भर्ती आयोगों का पुनर्गठन कर शीघ्र नई नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग को ले सड़कों पर आंदोलनरत हैं।
सरकार आंदोलनरत युवाओं के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रही है। आखिर अब तक लोक सेवा आयोग के सभी सदस्यों तथा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों को उनके पदों से क्यों नहीं हटाया गया है।
14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को अब तक क्यों नहीं रद किया गया है तथा जेएसएससी ceejeeeel के माध्यम से की गई नियुक्तियों को अब तक क्यों समाप्त नहीं किया जा रहा है।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा परिणाम को प्रकाशित करने की अनुमति उच्च न्यायालय द्वारा इस शर्त के साथ दी गई थी कि इसकी जांच छह माह के भीतर पूरी की जाएगी।
हालिया घटनाक्रमों ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई व्यापक धांधलियों को लगभग स्थापित कर दिया है। सरकार अविलंब उच्च न्यायालय में जांच की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करे तथा जेएसएससी सीजीएल के माध्यम से की गई सभी नियुक्तियों को रद करे।
आखिर इन बिंदुओं पर सरकार से क्या वार्ता की जानी है, सरकार अविलंब आयोगों के सभी सदस्यों को पद से हटाए, 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद करे तथा टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं एवं उनके माध्यम से की गई सभी नियुक्तियों की अविलंब सीबीआई जांच का आदेश दे।
सरकार बरते संवेदनशीलता
सरकार को केवल शब्दों से ही नहीं, बल्कि अपने निर्णयों से भी संवेदनशीलता प्रदर्शित करनी चाहिए। जो भी छात्र-छात्राएं सरकार से वार्ता के लिए जा रहे हैं, वे पूरी निर्भीकता और तार्किकता के साथ सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखें।
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हर कीमत पर सरकार को झुकना ही पड़ेगा तथा झारखंड के छात्र छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए उनकी मांगों को स्वीकार करना ही होगा।
यदि शीघ्र ठोस निर्णय लेने के बजाय सरकार इस आंदोलन को कुचलने और विफल करने का हथकंडा अपनाती है, तो इन संघर्षरत छात्र-छात्राओं के समर्थन में तथा उनकी मांगों के पक्ष में आजसू पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन प्रारंभ करेगी।
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