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    लंदन-दुबई तक धूम मचा रहा झारखंड का आम, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बनाया वैश्विक बाजार के लिए मेगा प्लान

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 01:34 AM (IST)

    कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की वकालत की है, जिसके लिए एक सुदृढ़ एवं टिकाऊ निर्यात आपूर् ...और पढ़ें

    कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की। (सोशल मीडिया)

    कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की। (सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. झारखंड को कृषि निर्यात में अग्रणी राज्य बनाने पर जोर।

    2. स्थानीय निर्यातकों को बढ़ावा देने हेतु सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला।

    3. किसानों, निर्यातकों के बीच समन्वय से बढ़ेगी आय।

    राज्य ब्यूरो, रांची। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की वकालत की है।

    उन्होंने कहा कि राज्य में स्थानीय निर्यातकों को बढ़ावा देने के लिए एक सुदृढ़ एवं टिकाऊ निर्यात आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना आवश्यक है, जिससे किसानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उत्पादों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    इसे लेकर कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे शुक्रवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड से कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं से मंत्री को अवगत कराया। राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना करते हुए निर्यात को और गति देने के लिए विभिन्न सुझाव एवं मांगें भी रखीं।

    कृषि मंत्री ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों, विभिन्न सरकारी विभागों तथा संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वित मॉडल विकसित किया जाए, ताकि कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं निर्यात की पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    बताया कि शीघ्र ही राज्य स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एपीडा, संबंधित विभागों, संभावित एफपीओ, निर्यातकों तथा अन्य सभी हितधारकों को आमंत्रित किया जाएगा।

    इस बैठक में झारखंड से कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति देने तथा राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

    किसानों और निर्यातकों के बीच बने समन्वय

    मंत्री ने कहा कि झारखंड के कृषि एवं बागवानी उत्पाद गुणवत्ता के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।

    राज्य सरकार किसानों और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम एवं पाकुड़ जिलों से आम का निर्यात सऊदी अरब स्थित लुलु हाइपर मार्केट्स में प्रचारात्मक गतिविधियों के तहत किया गया था।

    वर्ष 2026 में पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं देवघर जिलों से आम का सफलतापूर्वक लंदन, दुबई सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया गया है।

    हाल के वर्षों में लांज बींस, अरबी (कोलोकैसिया), भिंडी तथा जिमीकंद जैसे कृषि उत्पादों का दुबई, कतर, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में निर्यात किया गया है।

    राज्य का गैर-बासमती चावल लगातार रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट, टोगो सहित अन्य देशों में निर्यात किया जा रहा है। बैठक में एपीडा की ओर से सहायक महाप्रबंधक अंजलि नेहा लकड़ा तथा क्षेत्रीय प्रमुख (कोलकाता) सीताकांत मंडल उपस्थित थे।

    झारखंड के निर्यातक अब्दुल हमीद खान (ऑल सीजंस फार्म फ्रेश) ने भी बैठक में भाग लेते हुए राज्य के निर्यात क्षेत्र से जुड़े अनुभव एवं सुझाव साझा किया।

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