लोकायुक्त, सूचना आयुक्त, महिला आयोग जैसे संवैधानिक पद खाली क्यों, झारखंड हाई कोर्ट के बाद विधानसभा में उठा मुद्दा
धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने झारखंड विधानसभा में लोकायुक्त, सूचना आयुक्त और महिला आयोग जैसे महत्वपूर्ण पदों के वर्षों से रिक्त होने का मुद्दा उ ...और पढ़ें

बजट अनुदान पर चर्चा के दौरान धनबाद से भाजपा के विधायक राज सिन्हा ने सदन में उठाया सवाल।
HighLights
राज सिन्हा ने रिक्त लोकायुक्त, सूचना आयुक्त पदों पर सवाल उठाया।
हजारों आवेदन लंबित, सरकार से जवाब की मांग की गई।
आंगनबाड़ी सेविकाओं की समस्याओं पर भी सदन में चर्चा हुई।
राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को द्वितीय पाली में बजट अनुदान पर चर्चा के दौरान धनबाद से भाजपा के विधायक राज सिन्हा ने सदन में यह सवाल उठाया कि राज्य में लोकायुक्त, सूचना आयुक्त, महिला आयोग के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं।
इसके चलते आम जनता से जुड़े हजारों आवेदन लंबित पड़े हैं। इसे देखने वाला कोई नहीं है। सरकार अपरिहार्य कारण बताकर बैठक नहीं करती है। यह अपरिहार्य कारण क्या होता है। सरकार आखिर इन पदों को क्यों नहीं भर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निकाय चुनाव में करीब डेढ़ लाख वोट इनवैलिड हो गए। इसकी मूल वजह मतपत्रों से मतदान कराना था। इसका जवाब कौन देगा। विधानसभा में घोर निराशाजनक चर्चा हुई है।
हटिया के भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, रसोइयां दीदी की समस्याओं को भी सूचना के माध्यम से सदन में उठाया और कहा कि विधानसभा आने-जाने में परेशानी हो रही है। सड़क पर आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका व रसोइया दीदी सड़क पर हैं। सरकार को चाहिए कि उनकी समस्या का समाधान करे।
बता दें कि लोकायुक्त सहित तमाम संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के लिए झाखंड हाई कोर्ट से भी राज्य सरकार को फटकार लगाया चुका है। कोर्ट में इस पर आगे भी सुनवाई जारी है।

विधानसभा परिसर में सदर अस्पताल के लिए रक्तदान के बाद प्रमाणपत्र प्राप्त करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह।
मंत्री इरफान ने रक्तदान शिविर में विपक्ष से रक्तदान नहीं करने का उठाया मुद्दा
मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी ने विधानसभा परिसर में लगाए गए रक्तदान शिविर में विपक्ष के एक भी विधायक के रक्तदान नहीं करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर में सत्ता पक्ष के विधायकों ने पूरा उत्साह दिखाया और रक्तदान भी किया।
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इसपर विधायक राज सिन्हा ने कहा कि मंत्री स्वयं डाक्टर हैं, उन्हें समझना चाहिए कि दो महीने में रक्तदान नहीं किया जा सकता है। उन्हेंने हाल ही में रक्तदान किया है और वे साल में स्वयं कई बार रक्तदान शिविर लगाते रहते हैं और रक्तदान करते भी हैं।
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