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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Champai Soren: चंपई सोरेन के कोल्हान में झामुमो के बागी भाजपा में होते हैं हिट; संताल में मिसफिट, समझें पॉलिटिक्स

    Updated: Tue, 20 Aug 2024 11:27 AM (GMT+05:30)

    Champai Soren झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लेकर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि चंपई का अगला कदम जो भी हो ...और पढ़ें

    Champai Soren: चंपई सोरेन का अगला कदत तय करेगा उनकी राजनीति का भविष्य।
    Champai Soren: चंपई सोरेन का अगला कदत तय करेगा उनकी राजनीति का भविष्य।

    HighLights

    1. अर्जुन मुंडा झामुमो से भाजपा में आकर तीन बार बने मुख्यमंत्री, विद्युत वरण महतो तीसरी बार सांसद
    2. संताल से हेमलाल मुर्मू और स्व. साइमन मरांडी को रास नहीं आई भाजपा, कर ली झामुमो में वापसी
    3. भाजपा में जाने पर क्या पूर्व सीएम चंपई सोरेन का बढ़ेगा कद या हो सकता है भारी नुकसान?

    दिव्यांशु, रांची। Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन (Champai Soren) के भाजपा में शामिल होने की संभावना के बीच कोल्हान के झामुमो नेताओं (JMM Crisis) के भाजपा में आने पर चर्चा हो रही है।

    पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) भी 1995 में खरसावां से झामुमो विधायक (JMM MLA) रह चुके हैं। वे भाजपा में शामिल हुए। तीन बार मुख्यमंत्री बने। भाजपा ने केंद्र में मंत्री बनाया।

    विद्युत वरण महतो भाजपा में 2014 में शामिल हुए और अब तीसरी बार सांसद हैं। जबकि संताल परगना में झामुमो से भाजपा में आए नेता अपनी राजनीतिक पारी को आगे नहीं बढ़ा पाए।

    हेमलाल मुर्मू (Hemlata Murmu) भाजपा के टिकट पर 2014 में राजमहल सीट पर चुनाव लड़े और हार गए। इसी तरह झामुमो नेता साइमन मरांडी भी भाजपा में आए। दोनों को असफलता हाथ लगी।

    हेमलाल मुर्मू ने झामुमो में वापसी कर ली। इसी तरह साइमन मरांडी भी झामुमो में लौट आए। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन की बड़ी बहू भाजपा के टिकट पर दुमका से उम्मीदवार हुईं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    पहले भी मिलती रही चुनौती

    चंपई सोरेन झामुमो के संस्थापक सदस्य रहे हैं। सोरेन परिवार की रिश्तेदारी भी इस क्षेत्र में है। यहां पहले भी झामुमो को चुनौती (Jharkhand Politics) देने वाले नेता होते रहे हैं।

    एक समय झामुमो के कद्दावर नेता रहे कृष्णा मार्डी ने भी पार्टी छोड़ दी थी। पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो भी अलग हुए। उनकी पत्नी आभा महतो भाजपा से सांसद बनीं।

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