JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद CID के रडार पर कई बड़े नाम
CID ने जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में पूर्व प्रभारी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख ...और पढ़ें

गिरफ्तार आरोपितों में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल का निदेशक व मार्केटिंग मैनेजर भी।
HighLights
CID ने जेपीएससी अनियमितता मामले में पांच को दबोचा।
पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता भी गिरफ्तार आरोपियों में शामिल।
14वीं सिविल परीक्षा रद करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) कार्यालय में छापेमारी के अगले ही दिन बुधवार (22 जुलाई) को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की धाराएं भी लगाई गईं हैं।
सीआईडी ने इस पूरे प्रकरण में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों में जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।
सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेजा जा रहा है। सीआईडी के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को रांची पुलिस के साथ मिलकर जेपीएससी कार्यालय व टीडीपीएल से जुड़े राज्य के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी।छापेमारी के दौरान सीआइडी ने मौके से डिजिटल साक्ष्य, अन्य दस्तावेज आदि की बरामदगी की थी।
मौके से जेपीएससी के अधिकारियों-कर्मियों के अलावा परीक्षाओं को संचालित करने वाली एजेंसी से जुड़े कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ की जा रही थी। दस्तावेज की समीक्षा व संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही सीआइडी ने उक्त प्राथमिकी दर्ज की और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
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मुख्यमंत्री के आदेश पर हो रही है कार्रवाई
सीआईडी की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद हो रही है। मुख्यमंत्री को 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम में अनियमितता व पूर्व में भी हुई अनियमितता मामले में शिकायतें मिलीं थीं। इसके बाद ही उन्होंने सीआईडी को इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था।
मुख्यमंत्री को यह भी शिकायत मिली थी कि जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी जेपीएससी-जेएसएससी की सभी परीक्षाओं में जालसाजी के माध्यम से पास करता गया गया था।
वह उन परीक्षाओं में वन टू टेन में रहा। जेपीएससी व एजेंसी के पदाधिकारियों पर जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने, वसूली, पेपर लीक, ओएमआर सीट में फेरबदल, डिजिटल टैंपरिंग व मनी लांड्रिंग की शिकायत की गई थी।
आरोपित कंपनी टीडीपीएल झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सूचीबद्ध है और यह परीक्षा संचालित कराती है। इस कंपनी पर गंभीर अनियमितता, काम के बदले ऊंचे दर पर भुगतान मांगने आदि के आरोपों पर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
आरोप है कि ब्लैकलिस्ट करने के बावजूद यह कंपनी जून 2025 से परीक्षाएं संचालित कराती रही। अब सीआइडी इन सभी आरोपों, शिकायतों की जांच करेगी।
किसपर क्या है आरोप
- श्वेता गुप्ता (तत्कालीन प्रभारी परीक्षा नियंत्रक, जेपीएससी) : जेपीएससी में परीक्षा संचालित कराने वाली निजी एजेंसी टीडीपीएल के साथ साठगांठ की। विधिवत टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बिना टीडीपीएल को ठेका दिलाया। परीक्षा के प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट की निगरानी में आपराधिक लापरवाही बरती। ओएमआर स्कैनिंग में की जाने वाली हेराफेरी को नजरअंदाज किया। सीआइडी अब उनके वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी जुटाएगी।
- रामवीर सिंह (निदेशक, टीडीपीएल) : जेएसएससी में ब्लैक लिस्ट, उत्तर प्रदेश की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में संदिग्ध रिकार्ड के बावजूद कैसे जेपीएससी में टेंडर हासिल किया। आयोग के किन-किन अधिकारियों के साथ उनका संबंध था, इसकी भी जुटाई जा रही है जानकारी।
- मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी (मार्केटिंग मैनेजर, टीडीपीएल) : यह परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल का वरिष्ठ अधिकारी रहते हुए फर्जी तरीके से परीक्षाओं में बैठा, ओएमआर शीट में जालसाजी कर जेएसएससी सीजीएल, जेपीएससी की एसीएफ, एमआरओ, जैसी चार प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में खुद को पास करा लिया। वह अन्य कितने अभ्यर्थियों के संपर्क में था और कितनी वसूली की, सीआइडी इसकी भी जानकारी जुटा रही है।
- मोहम्मद उस्मान (कर्मचारी, टीडीपीएल) : इसपर ओएमआर शीट स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग और आनलाइन स्क्रीन मार्किंग के दौरान सर्वर और डेटाबेस में छेड़छाड़ की। पूर्व में यह उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं में भी अनियमितता का आरोपित रहा है।
- एबाद (कर्मचारी, टीडीपीएल) : प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, ओएमआर शीट्स के भौतिक रखरखाव और वांछित अभ्यर्थियों के ओएमआर में हेरफेर करने में सहयोग का आरोप है।
14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद करने की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। राजेश प्रसाद की ओर से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग की ओर से कट आफ अंक जारी करने की प्रक्रिया, ओएमआर शीट अपलोड करने तथा परीक्षा परिणाम में सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रार्थी ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य कथित अनियमितताओं और शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए पूरी प्रारंभिक परीक्षा को निरस्त करने की मांग की है। बुधवार को मामले की आंशिक सुनवाई के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के लिए गुरुवार की तिथि निर्धारित की है।
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