यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JSSC Bharti: सितंबर तक पूरी होगी सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया, जेएसएससी ने हाई कोर्ट को बताया
झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) में जेएसएससी सहायक आचार्य भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की याचिका पर सुनवाई हुई। जेएसएससी ने अदालत को ...और पढ़ें

HighLights
- हाई कोर्ट में जेएसएससी ने प्रस्तुत की समयावधि रिपोर्ट
- जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग पर सुनवाई
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में राज्य में सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान जेएसएससी ने सहायक आचार्य का परिणाम प्रकाशन को लेकर समयावधि कोर्ट में प्रस्तुत की है। जिसमें सितंबर माह के द्वितीय सप्ताह तक सहायक आचार्य के अंतिम परिणाम प्रकाशित करने की बात कही गई है।
कब-कब जारी होगा परिणाम?
जेएसएससी की ओर से बताया गया है कि सहायक आचार्य के स्नातक प्रशिक्षत शिक्षक (कक्षा छह से आठ) के गणित एवं विज्ञान टीचर के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में परिणाम प्रकाशित किया जाए।
सामाजिक विज्ञान के टीचर के लिए जुलाई के तृतीय सप्ताह में परिणाम प्रकाशित होगा और भाषा शिक्षक के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में परिणाम प्रकाशित होगा। इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक (कक्षा एक से पांच) के शिक्षकों के लिए सितंबर के द्वितीय सप्ताह में परिणाम प्रकाशित कर दिया जाएगा।
अदालत ने स्वीकार की जेएसएससी की समयावधि
अदालत ने जेएसएससी के इस समयावधि को स्वीकार कर लिया। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
इस संबंध में समाजिक कार्यकर्ता ज्या द्रेंज ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 26,001 सहायक आचार्य की नियुक्ति होनी है। जिसकी प्रक्रिया में देरी हो रही है।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सहायक आचार्य की नियुक्ति की प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रस्तावित समय-सीमा को जनवरी 2026 को कम करें और शिक्षकों की नियुक्ति दो या तीन महीने में किया जाना सुनिश्चित करें।