Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कंप्यूटर पर वेतन पंजी भरते-भरते बन गया घोटाले का मास्टरमाइंड, सिपाही कौशल पांडेय का दावा- 'ऊपर तक जाती थी घोटाले की रकम'

    Updated: Fri, 22 May 2026 06:42 PM (IST)

    सिपाही कौशल पांडेय को अवैध वेतन निकासी मामले में तीन दिन की पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेजा गया। एसआईटी उसे दोबारा रिम ...और पढ़ें

    अवैध वेतन निकासी का मास्टरमाइंड कौशल पांडेय जेल, एसआईटी करेगी फिर पूछताछ। (विजुअल: एआई जेनरेटेड)

    अवैध वेतन निकासी का मास्टरमाइंड कौशल पांडेय जेल, एसआईटी करेगी फिर पूछताछ। (विजुअल: एआई जेनरेटेड)

    HighLights

    1. अवैध वेतन निकासी में कौशल पांडेय को एसआईटी ने भेजा जेल।

    2. बोकारो एसपी कार्यालय से 11 करोड़ की अवैध निकासी का मास्टरमाइंड।

    3. एसआईटी दोबारा रिमांड पर लेकर करेगी तथ्यों का सत्यापन।

    राज्य ब्यूरो, रांची। जिला कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआइडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने सिपाही कौशल कुमार पांडेय से तीन दिनों तक रिमांड पर पूछताछ के बाद शुक्रवार को न्यायालय में प्रस्तुत की, जहां से उसे पुन: न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है।

    एसआईटी कौशल पांडेय को एक बार फिर रिमांड पर लेगी, जिसके लिए एसआइटी ने कोर्ट में अर्जी भी दे दी है। रिमांड की अनुमति मिलते ही एसआईटी कौशल पांडेय को रिमांड पर लेकर पूर्व में पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों का सत्यापन करेगी।

    सिपाही कौशल पांडेय बोकारो के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में लेखापाल के पद पर प्रतिनियुक्त था। बोकारो एसपी कार्यालय से करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में कौशल पांडेय ही मास्टरमाइंउ रहा है।

    उसे बोकारो जिले की पुलिस ने ही अवैध निकासी का मामला उजागर होने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सीआइडी की एसआईटी ने पूरे केस को अपने अधीन लेने के बाद कौशल पांडेय के तीन अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

    एसआईटी ने जिन्हें जेल भेजा है, उनमें लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त गृह रक्षक सतीश कुमार सिंह, एएसआइ अशोक कुमार भंडारी व सिपाही काजल मंडल शामिल हैं।

    पूछताछ में अवैध वेतन निकासी की राशि को ऊपर तक पहुंचाने का किया दावा

    सूचना है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान कौशल पांडेय ने अवैध वेतन निकासी की राशि को अपने अन्य सहयोगियों, ऊपर के अधिकारियों तक भी पहुंचाने का दावा किया था। हालांकि, वह अब तक इससे संबंधित सबूत नहीं दे पाया है।

    खबरें और भी

    एसआईटी अब दूसरे फेज की रिमांड अवधि के दौरान इस तथ्य का सत्यापन करेगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ होगी। अलग-अलग जिलों में एक साथ कई टीम कर रही जांच। 

    यह भी पढ़ें- झारखंड में करोड़ों का वेतन घोटाला: बोकारो-हजारीबाग के 850 बैंक खाते जांच के घेरे में, SIT तेजी से कर रही फ्रीज

    यह भी पढ़ें- झारखंड पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 201 डीएसपी का तबादला और नई पोस्टिंग, देखें लिस्ट