रांची में नेहा बोरा पर स्याही फेंकने पर बवाल: AISA अध्यक्ष ने BJP-RSS को घेरा, CPI माले ने की कार्रवाई की मांग
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना पर भाकपा माले ने कड़ी निंदा करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। नेहा बोरा ने इस हमले के ...और पढ़ें
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स्याही फेंकने वाला और नेहा बोरा। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, रांची। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर हमला करने की कोशिश और उन पर स्याही फेंकने की घटना की भाकपा माले राज्य कमेटी ने कड़ी निंदा करते हुए उस पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
राज्य सचिव, भाकपा माले झारखंड के मनोज भक्त ने कहा कि AISA, RYA, AISF, SFI और अन्य संगठनों के जेपीएससी जेएसएससी आदि परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ हेमंत सरकार से जवाब मांगने के लिए घोषित विधानसभा मार्च को बाधित करने की यह सोची समझी साजिश है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे छात्र युवाओं का आंदोलन बढ़ रहा है, भाजपा नेता बौखलाहट से भर रहे हैं। वर्तमान हेमंत सरकार के साथ-साथ पहले और दूसरे जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों की धांधली भी सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा के नजदीकियों की नियुक्तियों पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा यह भी समझ रही है कि सीबीआई की जांच पर भी छात्र युवा सवाल उठा रहे हैं। इसीलिए जंतर-मंतर पर जेन जी के नीट के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने वाली नेहा बोरा पर इस तरह का हमला किया गया। राज्य की पुलिस संघी भाजपायी गुंडों पर कठोर कार्रवाई करे।
नेहा बोरा ने बीजेपी-आरएसएस पर बोला हमला
स्याही कांड के बाद नेहा बोरा ने विधायक चंद्रदेव महतो के आवास पर प्रेस को संबोधित किया। नेहा बोरा ने कहा कि क्या केंद्र के इशारे पर मुझ पर स्याही फेंकी गई? नेहा ने कहा, स्याही फेंकने वाले का नाम अमरनाथ पांडेय है और वह हजारीबाग के विभावे विवि में पढ़ता है। वह संघ से भी जुड़ा है।
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नेहा ने कहा, भाजपा चाहे जितनी सहानुभूति जता ले, उसने स्टूडेंट मूवमेंट को जिस तरह से कुचला है, वह हिपोक्रेसी दिखा रहे हैं, जबकि स्टूडेंट मूवमेंट को आगे नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि सीजेपी इस आंदोलन और छात्र मूवमेंट का हिस्सा बने।
नेहा ने कहा कि हम छात्रों के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं। इस आंदोलन की खासियत यह है कि इसमें कोई दल नहीं है। छात्र अपना संगठन बनाकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां आंदोलनरत छात्र खुद ही कह रहे हैं कि हम किसी बैनर के साथ नहीं हैं। छात्रों ने खुद ही रिफॉर्म कमेटी बनाई है।
आंदोलन में भाजपा के लोग: नेहा
हां, इस आंदोलन में भाजपा के लोग भी आए हैं, तो अच्छी बात है। दिल्ली में जब आंदोलन चला, शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन चला, उस समय छात्रों के प्रति उनमें सहानुभूति नहीं जगी।

उन्होंने कहा कि हम उस आंदोलन में भी थे। इस आंदोलन में भी हैं। हम जब वहां पैलेट गन के सामने नहीं झुके। सत्ता के सामने नहीं झुके। हम यहां भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ छात्रों के आंदोलन के साथ हैं।
जंतर-मंतर में नहीं लगे देशविरोधी नारे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में देश विरोधी नारे लगने के सवाल पर नेहा ने सवाल पर सवाल उठाया और कहा, यह झूठ है। हमारे मंच से कौन सा देश विरोधी नारा लगा? उस प्रोटेस्ट में पहले दिन से आखिरी दिन तक शामिल रही। एक भी नारा देश विरोधी नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी हुई, क्योंकि ये जनप्रतिनिधि हैं। ये अपना काम ठीक से नहीं करेंगे तो विरोध में नारे तो लगेंगे ही।

नेहा ने सरकार से मांग की है कि एजेंसी को रद किया जाए। परीक्षाओं को रिशिड्यूल किया जाए। सभी परीक्षाएं सरकार ही ले ताकि उसकी जवाबदेही तय हो सके। झारखंड सरकार इंडिया एलाइंस का हिस्सा है और इसलिए सरकार को छात्रों की मांगों को मानना चाहिए।
इस मौके पर भाकपा माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह, विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी संबोधित किया और कहा कि भाजपा-आरएसएस के लोगों का पूर्व नियोजित कार्यक्रम था। इस तरह की धमकियां नेहा के झारखंड आगमन के पहले से ही की जा रही थीं।
मैं एक शेर हूं, इनकी कोई औकात नहीं
इधर, पुलिस हिरासत में लिए गए युवक अमरनाथ पांडेय ने उमर खालिद मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए कहा कि मैं एक शेर हूं। ये लोग देशद्रोही हैं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इधर, पुलिस हिरासत में लेकर युवक से पूछताछ कर रही है।