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    झारखंड में माओवादियों की टूटी कमर: 'ऑपरेशन मेगाबुरु' में मोस्ट वांटेड अनल, अनमोल, अमित मुंडा समेत 15 ढेर

    Updated: Thu, 22 Jan 2026 08:01 PM (IST)

    झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में 'ऑपरेशन मेगाबुरु' चलाया। इस ऐतिहासिक अभियान में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 15 माओवादिय ...और पढ़ें

    झारखंड के सारंडा में 'ऑपरेशन मेगाबुरु' सफल, 15 कुख्यात माओवादी ढेर।

    झारखंड के सारंडा में 'ऑपरेशन मेगाबुरु' सफल, 15 कुख्यात माओवादी ढेर।

    HighLights

    1. झारखंड में 'ऑपरेशन मेगाबुरु' में 15 माओवादी मारे गए।

    2. सुरक्षा बलों ने सारंडा जंगल में चलाया बड़ा अभियान।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने गुरुवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरिबुरू थाना क्षेत्र स्थित सारंडा जंगल में माओवादियों के विरुद्ध झारखंड के इतिहास का पहला व सबसे बड़ा अभियान 'आपरेशन मेगाबुरु' चलाया। 

    इस अभियान में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी अनल, 25 लाख के इनामी अनमोल, 15 लाख के इनामी अमित मुंडा सहित कुल 15 माओवादियों को मार गिराया है। मारे गए 15 माओवादियों के 13 की पहचान हो चुकी है। सभी कुख्यात हैं। इनके विरुद्ध झारखंड सरकार, ओडिशा सरकार ने तो इनाम रखा ही था, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी कइयों को इनामी घोषित किया था।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- "आज पश्चिमी सिंहभूम में CRPF और झारखंड पुलिस द्वारा चल रहे एक जॉइंट ऑपरेशन में ₹1 करोड़ का कुख्यात इनामी नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों के अब तक एनकाउंटर से नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली। दशकों से भय और आतंक के पर्याय रहे नक्सलवाद को हम 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं। मेरी पुनः शेष बचे नक्सलियों से अपील है कि हिंसा, आतंक और हथियारों से जोड़ने वाली विचारधारा को छोड़ विकास और विश्वास की मुख्यधारा से जुड़ें।"

    झारखंड पुलिस मुख्यालय रांची में गुरुवार की शाम आइजी अभियान डॉ. माइकल राज एस. आइजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह व आइजी एसटीएफ अनूप बिरथरे ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर अभियान के बारे में मीडिया से जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा व सीआरपीएफ के डीजी के संयुक्त नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने यह अभियान चलाया है।

    इस अभियान में 209 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ व जिला बल के जवानों की संयुक्त टीम के साथ गुरुवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे माओवादियों के सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ता के साथ लगातार कई बार मुठभेड़ हुई। माओवादियों ने पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी की।

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    सुरक्षा बल के तरफ से भी आत्मरक्षार्थ गोली चलाई गयी, जिसमें मुठभेड़ के दौरान अबतक कुल 15 माओवादियों के शव व भारी मात्रा में हथियार व दैनिक उपयोग की सामग्री की बरामदगी हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 से अबतक पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों के विस्फोट एवं हिंसात्मक कार्रवाई में सुरक्षा बलों के हुए नुकसान में मुख्य उग्रवादी दस्ता के शीर्ष सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी का मुख्य योगदान रहा है।

    अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से माओवादियों की कमर टूटी है। झारखंड पुलिस ने माओवादियों से अपील की है कि शेष बचे माओवादी आत्मसमर्पण करें और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। उक्त क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सर्च अभियान जारी है।

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    सारंडा में मुठभेड़ की लाइव तस्वीर। (सोर्स: पुलिस हेडक्वार्टर)

    प्रारंभिक जांच में मारे गए 15 माओवादियों में 13 की हुई पहचान

    • अनल उर्फ पतिराम मांझी (सेंट्रल कमेटी सदस्य) : झारखंड में एक करोड़ रुपये का इनामी (झारखण्ड), ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनामी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी में 15 लाख रुपये का इनामी है। इसपर कुल 149 कांड हैं। यह झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के झरहा का रहने वाला है।
    • अनमोल उर्फ सुशांत (बिहार झारखंड स्पेशन एरिया कमेटी सदस्य) : झारखंड में 25 लाख रुपये का इनामी, ओडिशा में 65 लाख रुपये का इनामी है। इसपर कुल 149 कांड दर्ज हैं। यह झारखंड के बोकारो जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के बंसी टोला का निवासी है।
    • अमित मुण्डा (रीजनल कमेटी सदस्य) : यह झारखंड में 15 लाख रुपये का इनामी है। इसपर ओडिशा में 43 लाख रुपये का इनाम व राष्ट्रीय जांच एजेंसी में चार लाख रुपये का इनाम है। इसके विरुद्ध कुल 96 दर्ज हैं। यह मूल रूप से रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र के तमराना गांव का रहने वाला है।
    • पिंटू लोहरा (सब जोनल कमांडर) : यह झारखंड में पांच लाख रुपये का इनामी है। इसपर कुल 47 कांड दर्ज हैं। यह मूल रूप से झारखंड के रांची जिले के सोनाहातू थाना क्षेत्र के बारीसालडीह का रहने वाला है।
    • लालजीत उर्फ लालु (सब जोनल कमांडर) : यह झारखंड में पांच लाख रुपये का इनामी है। यह मूल रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र के धारणादिरी का रहने वाला है।
    • राजेश मुण्डा (एरिया कमेटी सदस्य) : इसपर कुल 14 कांड हैं। यह खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र के माईलपिड़ी गांव का रहने वाला है।
    • बुलबुल अलदा (एरिया कमेटी सदस्य) : इसपर कुल आठ कांड दर्ज हैं। यह पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर थाना क्षेत्र के ईलीगढ़ा का रहने वाला है।
    • बबिता (एरिया कमेटी सदस्य) : इसपर कुल 16 कांड दर्ज हैं। यह सरायकेला-खरसांवा जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के कोर्रा की रहने वाली है।
    • पूर्णिमा (एरिया कमेटी सदस्य) : इसपर कुल पांच कांड दर्ज हैं। यह पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा की रहने वाली है।
    • सूरजमुनी : सदस्य।
    • जोंगा (सदस्य) : इसपर एक केस है। यह पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा थाना क्षेत्र के बोईपाई की रहने वाली है।
    • समीर सोरेन : सदस्य।
    • सोमवारी : सदस्य।

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