Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मइयां सम्मान योजना पर झारखंड का सियासी पारा हाई, फॉर्म जमा नहीं पाने पर बोली भाजपा- हड़बड़ी ने कर दी बड़ी गड़बड़ी

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 09:43 AM (GMT+05:30)

    मइयां सम्मान योजना पर बात करते हुए झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा था कि हेमंत सरकार की योजनाओं से भाजपा बौखला गई है। झामुमो के इस हमले पर भाजप ...और पढ़ें

    महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर हेमंत सरकार मौन: भाजपा।
    महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर हेमंत सरकार मौन: भाजपा।

    HighLights

    1. इस सरकार में किसी योजना के सफल कार्यान्वयन की उम्मीद करना बेमानी: भाजपा
    2. कहा - राज्य में बिचौलिये हावी, जमा नहीं हो पा रहा महिला सम्मान योजना फॉर्म

    राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दावे पर पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन के रिकार्ड पर ही प्रश्न चिन्ह लगा है। सरकार स्थानीय एवं नियोजन नीति नहीं बना पाई। 1932 का खतियान लागू नहीं कर पाई।

    प्रतुल देव ने आगे कहा कि बेरोजगारों को पांच हजार एवं सात हजार प्रति माह भत्ता नहीं मिला। किसी नई योजना के सफल कार्यान्वयन की उम्मीद करना बेमानी है। बिना तैयारी के सरकार मइयां सम्मान योजना लेकर आई। अधिकांश जगह सर्वर डाउन है।

    प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि बिचौलिये हावी हैं और फॉर्म जमा नहीं हो पा रहा है। स्पष्ट दिख रहा है कि चुनाव को देखकर सरकार की हड़बड़ी ने बड़ी गड़बड़ी कर दी।

    उन्होंने दावा किया कि महिला उत्पीड़न की घटनाओं ने झारखंड के पहले 19 वर्षों के रिकार्ड को तोड़ दिया। झामुमो ने अपने निश्चय पत्र को भी पलट कर नहीं देखा। निश्चय पत्र में महिलाओं को प्रतिमाह दो हजार रुपये चूल्हा खर्च के रूप में देने का वादा किया गया था।

    सरकार की नियत और नीति में फर्क: बाउरी

    झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा कि सरकार की नीति और नीयत में फर्क है।

    भाजपा अपनी घोषणाओं को जमीन पर उतारने में विश्वास करती है, जबकि राज्य सरकार केवल धोखा देती है। सिर्फ बैठकें करने का खेल चल रहा है।

    सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करने के प्रति उदासीन है। असम सरकार ने पारा शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है।

    यह भी पढ़ें: 'हेमंत सोरेन की योजनाओं से बौखला गए हैं भाजपा नेता', झामुमो का बाबूलाल मरांडी पर तीखा हमला

    बिहार के बाद झारखंड में भी दम लगाएगी मांझी की 'हम', BJP-JDU की बढ सकती है टेंशन

    खबरें और भी