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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: झारखंड के 17 डीएसपी को IPS बनाने की तैयारी, नामों की लिस्ट आई सामने

    Updated: Tue, 07 Jan 2025 02:24 PM (GMT+05:30)

    Jharkhand News झारखंड के 17 डीएसपी के नाम यूपीएससी को भेजे जा सकते हैं। झारखंड कैडर में केवल 9 पद रिक्त हैं। सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों की यूपीएससी ...और पढ़ें

    झारखंड में 17 डीएसपी को बनाया जा सकता है आईपीएस (जागरण)
    झारखंड में 17 डीएसपी को बनाया जा सकता है आईपीएस (जागरण)

    HighLights

    1. झारखंड में 17 डीएसपी बनाए जा सकते हैं आईपीएस
    2. यूपीएससी की मीटिंग में होगा प्रमोशन पर फैसला

     राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Police Promotion: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोन्नति को लेकर राज्य पुलिस सेवा के 17 डीएसपी के नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजे जा सकते हैं। सभी की फाइल तैयार कर ली गई है। झारखंड कैडर में राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नति के सिर्फ नौ पद रिक्त हैं। सभी के दस्तावेज की यूपीएससी में समीक्षा होगी।

    जो कमियां होंगी, उसे दूर करने के बाद यूपीएससी में प्रोन्नति बोर्ड की बैठक की तिथि निर्धारित होगी। उस बैठक में गृह सचिव व डीजीपी भी शामिल होंगे। उसके बाद ही प्रोन्नति संबंधित सभी प्रक्रिया पूरी होगी। 

    इनके भेजे जा सकते हैं नाम

    शिवेंद्र, राधा प्रेम किशोर, मुकेश कुमार महतो, दीपक कुमार-1, मजरूल होदा, राजेश कुमार, अविनाश कुमार, रौशन गुड़िया, श्रीराम समद, निशा मुर्मू, सुरजीत कुमार, वीरेंद्र कुमार चौधरी, राहुल देव बड़ाईक, खीस्टोफर केरकेट्टा, प्रभात रंजन बरवार, अनूप कुमार बड़ाईक व समीर कुमार तिर्की।

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    रेंजर अनिल सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश निरस्त

    झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की पीठ में रेंजर पद से अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने वेतन के मामले राज्य सरकार को विधि सम्मत निर्णय लेने का आदेश दिया है।

    रेंजर अनिल कुमार सिंह ने सरकार के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार ने उन्हें सात जुलाई 2021 को रेंजर पद से अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सरकार का आदेश बिल्कुल गलत है। उनपर झूठा आरोप लगाकर उक्त आदेश जारी किया गया है, जिसे निरस्त किया जाए।

    खबरें और भी

    होमगार्ड जवानों की सैलरी मामले में डीजीपी को फटकार

    झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की पीठ में होमगार्ड जवानों को समान काम के बदले समान वेतन का बकाया एरियर नहीं देने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान डीजीपी के उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई।

    कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अदालत के आदेश को हल्के में नहीं लिया जाए। अदालत ने मामले में अब डीजी होमगार्ड को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई आठ जनवरी को होगी।

    हाईकोर्ट के आदेश पर गृह सचिव वंदना दादेल कोर्ट में हाजिर हुईं। पूर्व में कोर्ट ने राज्य सरकार को 25 अगस्त 2017 से होमगार्ड जवानों को बढ़े वेतन का लाभ देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने पुलिसकर्मियों के समान होमगार्ड जवानों को काम के लिए समान वेतन का लाभ देते हुए दो माह में एरियर का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

    आदेश का अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया था। इस संबंध में प्रार्थी झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय प्रसाद ने अवमानना याचिका दाखिल की है।

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