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    कोयलांचल में विकास के वादे अधूरे, वादों की पटरियों पर अटका राय रेलवे स्टेशन FOB; आज भी ट्रेनों का इंतजार

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 01:47 PM (IST)

    कोयलांचल में जनप्रतिनिधियों के विकास के बड़े वादे अधूरे पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। राय रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज, सड़क निर्माण औ ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. राय रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज का वादा अधूरा।

    2. करोड़ों की लागत से बनी सड़क दो साल में जर्जर।

    3. टाटानगर-जम्मूतवी एक्सप्रेस का ठहराव अब तक बहाल नहीं।

    जागरण संवाददाता, पिपरवार। चुनावी सभाओं में किए गए विकास के बड़े-बड़े वादों के बावजूद कोयलांचल के लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

    कांके विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं रांची लोकसभा क्षेत्र के सांसद द्वारा चुनाव के दौरान राय रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज (एफओबी) निर्माण, राय-बचरा स्थित स्वामीनगर चौक से राय आरसीएम साइडिंग तक पक्की सड़क निर्माण तथा क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के जो वादे किए गए थे, वो आज भी धरातल पर नहीं उतर सके हैं। इससे स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थिति यह है कि डीएमएफटी मद से लगभग 10.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क, जिसका उद्घाटन रांची सांसद संजय सेठ ने किया था, निर्माण के महज दो वर्षों के भीतर ही चुरी पुल से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पुरानीराय तक निर्मित सड़क जगह-जगह टूटकर बदहाल हो चुकी है।

    सड़क की जर्जर हालत से रोजाना हजारों स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और कोयला वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    इधर, कोरोना काल से बंद टाटानगर–जम्मूतवी एक्सप्रेस का राय रेलवे स्टेशन पर ठहराव भी अब तक बहाल नहीं हो सका है। यह स्टेशन एनटीपीसी टंडवा, सीसीएल पिपरवार और आसपास के घनी आबादी वाले कोयलांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रेन का ठहराव बंद रहने से यात्रियों, मजदूरों, छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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    स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय किए गए विकास के वादे अब केवल भाषणों तक सीमित होकर रह गए हैं। फुटओवर ब्रिज, सड़क और ट्रेन ठहराव जैसे जनसरोकार के मुद्दों पर अब तक ठोस पहल नहीं होने से मतदाताओं में गहरा असंतोष है।

    अब कोयलांचल की जनता सवाल उठा रही है कि कांके विधानसभा क्षेत्र के विधायक और रांची लोकसभा क्षेत्र के सांसद आखिर इन अधूरे वादों को कब पूरा करेंगे, और क्षेत्र की जनता को बुनियादी सुविधाओं का लाभ कब मिलेगा?

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