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    रांची रेल मंडल में हड़कंप: सीनियर डीसीएम शुचि सिंह से बिल पास कराने के एवज में हिमांशु शेखर ने मांगे थे 90 हजार रुपये

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 06:30 PM (IST)

    CBI Action in Ranchi: रांची रेल मंडल के मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक हिमांशु शेखर को सीबीआई ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह रिश्वत मेसर्स त ...और पढ़ें

    मेसर्स त्यागी ब्रदर्स को जेम पोर्टल से अवार्ड हुआ था दो वाहन आपूर्ति का टेंडर।

    मेसर्स त्यागी ब्रदर्स को जेम पोर्टल से अवार्ड हुआ था दो वाहन आपूर्ति का टेंडर।

    HighLights

    1. सीबीआई हिमांशु को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

    2. बकाया बिल पास कराने के एवज में मांगी थी रिश्वत।

    राज्य ब्यूरो, रांची। रांची रेल मंडल में रिश्वतखोरी पर सीबीआई का शिकंता कसता जा रहा है। बकाया बिल पास करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते बुधवार को सीबीआई के हाथों गिरफ्तार मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक हिमांशु शेखर वर्तमान में न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं।

    सीबीआई को उनसे पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड मिली है, जो शनिवार से शुरू हो सकती है।

    दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता अजय त्यागी ने बताया है कि हिमांशु शेखर ने तत्कालीन सीनियर डीसीएम शुचि सिंह से बिल पास कराने के एवज में उनसे 90 हजार रुपये की मांग की थी। पहली किस्त में 50 हजार रुपये लेते वह पकड़े गए।

    दो वाहनों की आपूर्ति का मिला था ठेका 

    दर्ज प्राथमिकी के अनुसार अजय त्यागी अपने भाई विजय त्यागी के साथ मिलकर मेसर्स त्यागी ब्रदर्स नाम से फर्म संचालित करते हैं। उन्हें दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची डिविजन में सीनियर डीसीएम के माध्यम से जेम पोर्टल से दो वाहनों की आपूर्ति का ठेका मिला था।

    उक्त वाहनों का सीनियर डीसीएम शुचि सिंह उपयोग कर रही थी। टेंडर की शर्तों के अनुसार बिलों का भुगतान सीनियर डीसीएम के माध्यम से ही मासिक या तिमाही आधार पर किया जाना था।

    11 महीने से भुगतान नहीं

    करीब 11 महीने से भुगतान नहीं होने से दोनों वाहनों का बकाया 8.70 लाख रुपये हो गया था। आरोप है कि भुगतान किसी न किसी बहाने से टाल दिया जाता था।

    पिछले महीने जब अजय त्यागी सीनियर डीसीएम के कार्यालय में पहुंचे तो वहां मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक हिमांशु शेखर उनके पास आए और लंबित बिल राशि का दस प्रतिशत यानी करीब 90 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर मांगा।

    सीनियर डीसीएम से बिल पास कराने का वादा

    उन्होंने यह कहा था कि वह सीनियर डीसीएम शुचि सिंह से बिल पास करवा देंगे। इसके बाद ही अजय त्यागी सीबीआइ के पास पहुंचे व शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत का सत्यापन सीबीआइ के इंस्पेक्टर रवि शंकर प्रसाद ने गोपनीय तरीके से किया था।

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    उन्होंने सत्यापन में आरोपों को सत्य पाया और इसके बाद ही नियमित प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआइ ने जाल बिछाया और रिश्वत लेते हिमांशु शेखर को गिरफ्तार किया।

    अब सीबीआइ हिमांशु शेखर को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सीबीआइ ने सीनियर डीसीएम शुचि सिंह पर लगे आरोपों की भी जांच कर रही है और इसी क्रम में उनके मोबाइल को भी जब्त की है।

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