रांची में पुलिस सुरक्षा में बंट रहा ईंधन, यूपीआई भुगतान ठप; कैश नहीं होने पर पेट्रोल लेना मुश्किल
रांची में पेट्रोल पंपों पर नकदी की कमी और नेटवर्क समस्याओं के कारण यूपीआई भुगतान बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें
HighLights
पेट्रोल पंपों पर यूपीआई भुगतान अस्थायी रूप से बंद।
वाहनों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल मिल रहा।
अफवाहों के कारण लोग अनावश्यक भंडारण कर रहे।
जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी के पेट्रोल पंपों पर कैश नहीं होने पर अब यूपीआई से पेमेंट नहीं लिया जा रहा है। यह स्थिति शहर के बिरसा चौक रिलायंस पेट्रोल पंप में देखने को मिली। यहीं हाल शनिवार को शहर के दूसरे पेट्रोल पंपों में भी देखने को मिला।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि शहर के कई पेट्रोल पंपों ने आनलाइन भुगतान लेना अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि नेटवर्क समस्या के कारण आनलाइन भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं।
कई बार ग्राहकों का भुगतान खाते में नहीं पहुंच रहा, तो कई बार दोहरी ट्रांजैक्शन की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसी परेशानी से बचने के लिए अब अधिकतर पंपों पर नकद भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है।
ऐसे में जिन लोगों के पास कैश नहीं है, उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बिना पेट्रोल लिए ही पेट्रोल पंप से निराश लौट रहे है। वहीं इतना ही नहीं बल्कि शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सुबह से देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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हालात ऐसे हो गए कि कई पंपों पर व्यवस्था संभालने के लिए जिला पुलिस के जवानों की तैनाती करनी पड़ी। भीड़ और हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

शहर में पहुंच रहे 35-40 टेंकर, परेशानी कायम
झारखंड पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि शहर में रिंग रोड के अंदर 60 पेट्रोल पंप और जिला में लगभग 248 पेट्रोल पंप मौजूद है। पेट्रोल-डीजल की किल्लत को देखते हुए शहर में पेट्रेल के 35-40 टेंकर रोजाना पहुंच रहे है।
वहीं जिला में 100 से 110 टेंकर पहुंच रहे है। पेट्रोल संचालकों ने बताया कि किल्लत के बाद भी 60 प्रतिशत सप्लाई हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पेट्रोल लोगों को आसानी से मिल रही है। लोगाें को घबराने की जरूरत नहीं है।

कम पेट्रोल मिलने से लंबी दूरी तय करना संभव नहीं : ग्राहक
ईंधन की कमी को देखते हुए पेट्रोल पंप संचालकों ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमा तय कर दी है। शहर के कई पंपों पर बाइक चालकों को केवल 200 रुपये और कार चालकों को अधिकतम 500 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है।
वहीं भारी मालवाहक वाहनों को दो हजार रुपये तक का ही डीजल मिल पा रहा है। इस सीमित आपूर्ति से लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है। डोरंडा निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से पटना जाना है, लेकिन पंप पर केवल 500 रुपये का ही पेट्रोल मिला। उन्होंने कहा कि इतने कम पेट्रोल में लंबी दूरी तय करना मुश्किल हो जाएगा।

हाईवे और इंडस्ट्रियल एरिया में ट्रकों की लंबी कतार
पेट्रोल-डीजल संकट का असर अब परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखने लगा है। राजधानी के हाईवे और इंडस्ट्रियल एरिया में सैकड़ों मालवाहक ट्रक डीजल नहीं मिलने के कारण खड़े हैं। कई ट्रकों के ब्रेकडाउन होने की भी सूचना है।
ट्रक चालकों का कहना है कि झारखंड के बाहर डीजल आसानी से मिल रहा है, लेकिन राज्य में स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजधानी के पास दो बड़े तेल डिपो होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है। हाईवे के कई पेट्रोल पंपों पर भारी वाहनों की भीड़ लगी हुई है, जबकि कुछ पंपों पर सप्लाई बाधित होने से ताले लटक गए हैं।

ठेल कर ले जाते दिखें बाइक चालक, घंटों धूप में खड़े होने के बाद मिला पेट्रोल
शहर में शनिवार को कई हिस्सों में मौजूद पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं मिलने पर लोग बाइक ठेलते हुए दिखाई दिए। शहर में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं मिलने के कारण लोग पेट्रोल के लिए इधर-उधर फटकते हुए दिखाई पड़े।
वहीं शहर के पेट्रोल पंपों के बाहर लोग धूप में खड़े होकर पेट्रोल लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। इसमें महिलाएं, पुरुष, बच्चें-बुजुर्ग शामिल थे।
बस किराया बढ़ाने पर मंथन
डीजल संकट और बढ़ती लागत को लेकर झारखंड बस आनर्स एसोसिएशन भी चिंतित है। एसोसिएशन के सचिव सचिवदानंद सिंह ने कहा कि डीजल की कीमत और परिचालन लागत बढ़ने के कारण जल्द ही बस मालिकों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें किराया बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए परमिट जारी नहीं हो रहे और पुराने परमिट का नवीनीकरण भी लंबित है, जिससे बस संचालक आर्थिक दबाव में हैं। हालांकि एसोसिएशन के सदस्य अरुण बुधिया ने कहा कि अभी किराया बढ़ाने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संकट का समय है और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
भंडारण न करें, इससे स्थिति जल्द हो जाएगी सामान्य
झारखंड पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। कुछ बयानों और अफवाहों के कारण लोग घबराकर जरूरत से अधिक ईंधन खरीद रहे हैं।
शुक्रवार की तुलना में शनिवार को पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम रही। कई लोग गैलन में पेट्रोल और डीजल स्टोर कर रहे हैं, जिससे पंपों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने अपील की कि लोग अनावश्यक भंडारण न करें, इससे स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।