रांची में प्रिंस खान का आतंक: पुलिस और एटीएस ने संभाला मोर्चा, रंगदारी नेटवर्क पर शिकंजा
राजधानी रांची में गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल है। ...और पढ़ें

गैंगस्टर प्रिंस खान

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जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची में गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते कुछ महीनों में एक दर्जन से अधिक कारोबारियों को धमकी भरे काल आने की शिकायत सामने आई है।
इससे कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
डीजीपी के निर्देश के बाद रांची पुलिस और एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम में रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एटीएस के अधिकारी भी शामिल हैं, जो रंगदारी नेटवर्क और इसके स्थानीय कनेक्शन की पड़ताल में जुट गए हैं।
तकनीकी जांच के जरिए तलाशे जा रहे सुराग
पुलिस और एटीएस की टीम धमकी भरे कॉल के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी सेल की मदद ले रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि काल किन नंबरों से किए जा रहे हैं, उनका लोकेशन क्या है और इस पूरे नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर कौन सहयोग कर रहा है।
पुलिस की नजर उन युवकों और अपराधियों पर भी है, जिनके प्रिंस खान से संपर्क होने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि राजधानी और राज्य के विभिन्न हिस्सों में कौन-कौन लोग उसके लिए काम कर रहे हैं और कारोबारियों की जानकारी उसे कैसे उपलब्ध कराई जा रही है।
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कारोबारियों की रेकी कर जुटाई जा रही जानकारी
जांच में यह भी सामने आया है कि कारोबारियों के मोबाइल नंबर, पारिवारिक जानकारी और गतिविधियों की रेकी कर गैंग तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शहर के बड़े व्यापारियों की सूचनाएं अपराधियों तक कौन पहुंचा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस राजधानी में प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उसके प्रभाव को समाप्त करने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही धनबाद से रांची तक उसके नेटवर्क के विस्तार की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार अपराधियों से भी होगी पूछताछ
रांची पुलिस और एटीएस की टीम रंगदारी, फायरिंग और संगठित अपराध के मामलों में गिरफ्तार अपराधियों से भी पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास करेंगी कि गैंग का संचालन कैसे होता है, उसे स्थानीय स्तर पर किस तरह का सहयोग मिलता है और किन अपराधियों के माध्यम से रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
बेरोजगार युवकों को गैंग से जोड़ने की आशंका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग बेरोजगार युवकों और छोटे-मोटे अपराधों में संलिप्त युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे युवकों को कारोबारियों की रेकी करने, मोबाइल नंबर जुटाने और गतिविधियों की जानकारी देने जैसे काम सौंपे जाते हैं। इसके बदले उन्हें रकम भी दी जाती है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी नेटवर्क के जरिए रंगदारी नहीं देने वाले कारोबारियों को निशाना बनाने और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
डर के कारण कई कारोबारी नहीं करा रहे प्राथमिकी
व्यापारियों का कहना है कि प्रिंस खान के नाम का खौफ इतना बढ़ गया है कि कई लोग धमकी मिलने के बावजूद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने से बच रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं होता, तब तक वे खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
हाल के दिनों में बढ़ीं रंगदारी की घटनाएं
बीते कुछ दिनों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के कई कारोबारियों को धमकी भरे काल आए हैं। दो दिन पूर्व एक चर्चित रेस्टोरेंट संचालक से रंगदारी मांगी गई। इसके बाद एक होटल कारोबारी और रामगढ़ के एक व्यवसायी को भी धमकी भरे काल मिलने की सूचना है।
इससे पहले नामकुम के ईंट व्यवसायी और अल्बर्ट एक्का चौक क्षेत्र के एक दवा कारोबारी से भी रंगदारी मांगे जाने की शिकायत सामने आ चुकी है। इसके अलावा एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट पर फायरिंग की घटना को भी पुलिस इसी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।