85 किमी रेलवे ट्रैक का हुआ कायाकल्प, रांची रेल मंडल में बिना डर के दौड़ेंगी ट्रेनें; यात्रियों के लिए रूट और समय का बड़ा अपडेट
रांची रेल मंडल ने 85 किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण कर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई है। इससे डिरेलमेंट का जोखिम कम हुआ है और ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारु ...और पढ़ें

रांची रेल मंडल ने 85 किमी ट्रैक का किया नवीनीकरण बढ़ी सुरक्षा और सुचारु हुआ परिचालन।
HighLights
झारखंड में 85 किमी ट्रैक का नवीनीकरण, सुरक्षा में सुधार।
हटिया-ओरगा, हटिया-मुरी, मुरी-चांडिल सेक्शन मजबूत।
आधुनिक मशीनों से रखरखाव, डिरेलमेंट जोखिम घटा।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची रेल मंडल ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों की गति बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। मंडल के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण रेलखंडों पर बीते वर्ष के दौरान कुल 85 किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण (रिनेवल) किया गया है।
इस कार्य से न केवल डिरेलमेंट (पटरी से उतरने) जैसी दुर्घटनाओं का जोखिम कम हुआ है, बल्कि पटरियों की मजबूती बढ़ने से परिचालन भी पहले से अधिक सुचारु हो गया है।
जर्जर पटरियों की जगह बिछी नई लाइनें
रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणा निधि सिंह के अनुसार, हटिया–ओरगा, हटिया–मुरी और मुरी–चांडिल सेक्शनों में प्राथमिकता के आधार पर काम किया गया। इन क्षेत्रों में लंबे समय से ट्रैक के रखरखाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
पुराने और घिस चुके ट्रैक की जगह नई रेल लाइनें बिछाने से अब ट्रेनों की औसत रफ्तार में भी सुधार होगा। ट्रैक की स्थिति दुरुस्त होने के बाद अब उन 'कासन आर्डर' (गति सीमा प्रतिबंध) में भी कमी आई है, जिनकी वजह से ट्रेनों को बार-बार धीमा करना पड़ता था।
आधुनिक मशीनों ने बदला रेलवे का चेहरा
ट्रैक रिनेवल के इस चुनौतीपूर्ण कार्य को कम समय में पूरा करने के लिए रेलवे ने अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। इसमें मुख्य रूप से 'ब्लास्ट क्लीनिंग मशीन' का उपयोग बैलेस्ट (पटरियों के नीचे के पत्थर) की सफाई के लिए किया गया, ताकि जलभराव की समस्या न हो और ट्रैक को ठोस आधार मिले।
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वहीं, पीक्यूआरएस (PQRS) मशीन के माध्यम से पटरियों को बदलने का काम बेहद तेजी से संपन्न हुआ। रेलवे की योजना इस साल 30 किलोमीटर और ट्रैक को बदलने की है।
रांची रेल मंडल में 85 किलोमीटर ट्रैक रिनेवल का काम पूरा किया गया है। हटिया–ओरगा, हटिया–मुरी और मुरी–चांडिल सेक्शन में सुधार से ट्रैक की स्थिति मजबूत हुई है। इससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु हुआ है।
— करुणा निधि सिंह, डीआरएम, रांची रेल मंडल
सावधान: गया स्टेशन पर मेगा ब्लॉक, इन ट्रेनों का रास्ता बदला
एक तरफ जहां ट्रैक मरम्मत से सुविधाएं बढ़ रही हैं, वहीं विकास कार्यों के कारण कुछ यात्रियों को रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के गया स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से हटिया और पूर्णिया कोर्ट के बीच चलने वाली ट्रेनों का मार्ग 16 मई तक बदला गया है।
- ट्रेन संख्या 18625 (पूर्णिया कोर्ट – हटिया एक्सप्रेस): यह ट्रेन 4 मई से 16 मई तक अपने पुराने रूट (पटना-गया) के बजाय बख्तियारपुर लिंक, करनौती, राजगीर, तिलैया, पैमार और बन्धुआ होकर चलेगी।
- ट्रेन संख्या 18626 (हटिया – पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस): यह ट्रेन भी 16 मई तक इसी परिवर्तित मार्ग (बन्धुआ – पैमार – तिलैया – राजगीर – करनौती – बख्तियारपुर लिंक) से अपनी दूरी तय करेगी।
रेल यात्री ध्यान दें: नीलांचल और राजधानी एक्सप्रेस की टाइमिंग बदली
दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल के रुप्सा यार्ड में हो रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर मुरी होकर गुजरने वाली प्रीमियम ट्रेनों पर भी पड़ा है। यदि आप आने वाले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो संशोधित समय सारणी जरूर देख लें।
- नीलांचल एक्सप्रेस (12876): 12 मई को आनंद विहार टर्मिनल से यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 90 मिनट (डेढ़ घंटा) की देरी से रवाना होगी।
- भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी (22823): 14 मई और 15 मई को यह ट्रेन भुवनेश्वर से 60 मिनट की देरी से चलेगी।
- नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी (22824): 16 मई को नई दिल्ली से प्रस्थान करने वाली यह ट्रेन अपने तय समय से 120 मिनट (2 घंटे) विलंब से खुलेगी।
इन बदलावों के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए रेल प्रशासन ने खेद व्यक्त किया है और यात्रियों से अपील की है कि वे अधिकृत रेलवे ऐप या पूछताछ खिड़की से ट्रेन की ताजा स्थिति जानकर ही स्टेशन के लिए निकलें।
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