रांची में बारिश के बाद सड़कों पर बिछा 'मौत का जाल': उखड़ी सड़कें, गायब ढक्कन और गहरे नाले बढ़ा रहे खतरा
रांची में बारिश के बाद सड़कों की हालत बदतर हो गई है, जगह-जगह गड्ढे और गायब नाले के ढक्कन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। ...और पढ़ें

उखड़ी सड़कें बढ़ा रहे खतरा
HighLights
बारिश के बाद रांची की सड़कें बनीं खतरनाक।
गड्ढे और गायब नाले के ढक्कन बढ़ा रहे दुर्घटनाएं।
कोकर-रिम्स रोड सहित कई सड़कें बदहाल।
जागरण संवाददाता, रांची। भारी बरसात के बाद आप अगर रांची की सड़कों पर निकल रहे हैं तो जरा संभल जाइए। हो सकता है उस सड़क में आपका सामना गड्ढे से हो और आप दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। यही नहीं, सड़क के किनारे तो बिलकुल भी भूल कर मत चलिए, क्योंकि किनारे बने नालों के ढक्कन भी गायब है और आप अपने वाहन के साथ उसमें गायब हो जाएंगे।
ये हालात शहर की कई प्रमुख सड़कों की है जहां सबसे अधिक लोगों का आना जाना है। हम आपको दो सड़कों और यहां से गुजरने वाले नाले के बारे में बता रहे हैं जिसके ढक्कन गायब हैं और बरसात में यहां से आप पैदल आना-जाना नहीं कर सकते हैं।
कोकर से रिम्स जाने वाली सड़क में हैं गड्ढे
कोकर से रिम्स जाने वाली सड़क में एक मोड़ के पास किनारे दो बड़े गड्ढे हो गए हैं। जबकि ये सड़क एक साल पहले ही बनायी गयी है। लेकिन कुछ दिन के बरसात के बाद ही ये सड़क उखड़ गयी और इसमें गड्ढे बन गए। कोकर से रिम्स पहुंचने के कारण ये सड़क सबसे व्यस्त है और यहां 24 घंटे वाहनों का आना-जाना लगा रहता है।

जैसे बरसात होती है इन गड्ढों में पानी भर जाता है और अगर गलती से कोई किनारे गया तो उसकी गाड़ी उसमें फंस जाती है। प्रतिदिन लोग परेशान होते हैं।
खोरहाटोली और रांची विवि के सामने वाली सड़क में हैं गड्ढे
खाेरहाटोली डान बास्को आईटीआई जाने वाली सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है। बरसात होने पर इस सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
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यही हाल रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय के सामने वाली सड़क में भी गड्ढों की भरमार है। जिससे इस सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। बरसात में तो पता ही नहीं चलता है कि सही सड़क कहा हैं।
चेशायर होम रोड़ के मोड़ पर है गड्ढे, नालों के ढक्कन गायब
कुछ इसी तरह का हाल चेशायर होम रोड़ स्थित आलू गोदाम के सामने वाली सड़क का है। यहां प्रवेश करते ही बड़े नाले को ढंका नहीं गया है। जिससे आए दिन यहां चार पहिया वाहनों के चक्के फंस जाते हैं। सड़क पतली है जिसके कारण गाड़ियां किनारे जाती है और फंस जाती हैं। इससे आगे बढ़ने पर जैसे ही टर्न लिया जाता है तो गड्ढों से सामना होता है।

छह महीने पहले बनी सड़क बरसात के कारण किनारे से उखड़ गयी है और अक्सर यहां भी गाड़ियां फंस जाती हैं। वहीं दो पहिया वाहन चालकों का हमेशा यहां गिरने का खतरा बना रहता है।
वहीं इससे सटी हुई एक सड़क जो सीधे मेन रोड़ में मिलती है, जिसके किनारे बने नाले पर ढक्कन है ही नहीं। बरसात होने के बाद सड़क और नाली दोनों बराबर हो जाती है और कोई भी वाहन चालक नाले में गिर सकता है।