रांची प्रोटेस्टः तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने अस्पताल चलने को कहा... लेकिन अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो ने कर दिया इनकार
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक, राहुल, की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। छ ...और पढ़ें
HighLights
अनशनकारी छात्र राहुल की तबीयत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती।
छात्रों ने धरनास्थल पर 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती मांगी।
जागरण संवाददाता, रांची। जयपाल सिंह स्टेडियम रांची में पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक अभी बहुत बिगड़ गई है। कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं। मेडिकल टीम ने उनकी स्वास्थ्य जांच के उपरांत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को तत्काल बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है।
हालांकि, आंदोलनरत देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल जाने से स्पष्ट इनकार कर दिया और आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। प्रभारी चिकित्सक डा. उमेश कुमार ने बताया कि शुगर का स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसी स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक है।

चिकित्सकीय देखरेख एवं उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। इससे पहले आंदोलनकारी छात्र बी पांडे समेत अन्य छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो छात्रों की बिगड़ी तबीयत
नारेबाजी के दौरान आंदोलनकारी छात्र बी पांडे की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, इसके साथ ही दो आंदोलनकारी छात्रों की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
अनशन पर बैठे छात्रों में शामिल पलामू निवासी राहुल की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उनसे मिलने सदर अस्पताल जा रहे हैं।
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राहुल की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासन भी सक्रिय हुआ। एसडीओ और एसडीएम सदर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से राहुल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इधर, आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से अनशन पर बैठे छात्रों की सेहत लगातार गिर रही है, लेकिन धरनास्थल पर पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। छात्रों ने मांग की कि धरनास्थल पर 24 घंटे डॉक्टर और मेडिकल टीम की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। उनका कहना है कि स्वास्थ्य की अनदेखी से किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वर्तमान में तीन छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल नहीं करती, तब तक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, राहुल क्रांति के अस्पताल पहुंचने के बाद अन्य अनशनकारियों की स्वास्थ्य जांच भी तेज कर दी गई है।
आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों का कहना है कि प्रशासन को केवल अस्पताल में इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरनास्थल पर भी निरंतर चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते समुचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई तो अन्य अनशनकारियों की तबीयत भी गंभीर रूप से बिगड़ सकती है।
राहुल के आईसीयू में भर्ती होने के बाद आंदोलन के प्रति छात्रों की चिंता और बढ़ गई है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और आंदोलन को लेकर सरकार के रुख पर टिकी हुई है।
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