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    Ranchi Protest: जो घर पर सो रहे हैं, वैसे राजनीतिक संगठनों से ज्ञापन ले रही है सरकार, भड़के आंदोलनरत छात्र

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 10:53 AM (GMT+05:30)

    रांची में जेपीएससी/जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है। छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों को टालने के लिए राजनीतिक संगठनों से ज्ञापन लेने ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सरकार पर मांगों को टालने और राजनीतिक संगठनों से ज्ञापन लेने का आरोप।

    2. तीन छात्र अब भी आमरण अनशन पर, एक की हालत गंभीर अस्पताल में।

    3. रविवार को राज्य के सभी जिलों से छात्र जुटेंगे, आंदोलन तेज होगा।

    जागरण संवाददाता, रांची। जेपीएससी, जेएसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार देर रात छात्रों ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।

    छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर सीधे निर्णय लेने के बजाय अलग-अलग संगठनों से ज्ञापन लेकर मामले को टालने की कोशिश कर रही है। छात्रों का कहना है कि आंदोलनकारी पहले ही राजनीतिक दलों के समर्थन से खुद को अलग कर स्वतंत्र मंच बना चुके हैं।

    छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार छह से आठ अन्य संगठनों से ज्ञापन ले रही है। उनका सवाल है कि आखिर उन संगठनों से ज्ञापन लेने का औचित्य क्या है, जब आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगें स्पष्ट रूप से सरकार के सामने रख चुके हैं।

    छात्रों ने आरोप लगाया कि इनमें कुछ संगठन राजनीतिक दलों से जुड़े हैं और वे छात्रों की वास्तविक मांगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस या झामुमो से जुड़े संगठन छात्रों की ओर से क्या मांग रखेंगे, यह समझ से परे है। ये संगठन घरों में सो रही है।

    राजनीतिक समर्थन से खुद को अलग कर चुके हैं छात्र

    छात्रों ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से इनकार किया है। इसी वजह से राजनीतिक समर्थन से अलग होकर छात्रों ने अपना स्वतंत्र मंच बनाया है। ऐसे में सरकार द्वारा दूसरे संगठनों से ज्ञापन लिए जाने को छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

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    तीन छात्र अब भी आमरण अनशन पर

    आंदोलन स्थल पर तीन छात्र अब भी आमरण अनशन पर बैठे हैं। छात्रों ने अनशनकारियों की बिगड़ती सेहत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक अनशनकारी छात्र की हालत गंभीर होने के कारण अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह जीवन-मरण की स्थिति से जूझ रहा है।

    ऐसे में यदि आंदोलन स्थल पर अनशन कर रहे किसी छात्र के साथ अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। छात्रों ने कहा कि कई दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। केवल आश्वासन या विचार करने की बात से छात्रों की समस्या का समाधान नहीं होगा।

    कल सभी जिलों से जुटेंगे छात्र

    आंदोलनकारियों ने दावा किया कि रविवार को राज्य के सभी जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचेंगे। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों ने सरकार से मांग की कि उनकी मांगों को आधिकारिक रूप से स्वीकार करते हुए उस पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।

    छात्रों ने कहा कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर आधिकारिक फैसला और स्पष्ट आदेश चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो रविवार को आंदोलन का स्वरूप और बड़ा हो सकता है।

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