रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में छात्रा की नोज रिंग उतारने पर बवाल, 4 घंटे तक जमकर हुआ हंगामा
रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में छात्रा को नोज रिंग हटाने के लिए कहने पर विवाद हुआ, जिसके बाद एबीवीपी ने विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

हंगामा होने के बाद जुटे कार्यकर्ता। (जागरण)
HighLights
उर्सुलाइन कॉलेज में छात्रा की नोज रिंग पर विवाद।
एबीवीपी ने कॉलेज के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन।
छात्रा का नामांकन मां के अनुरोध पर रद्द हुआ।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज में सोमवार को एक छात्रा के नोज रिंग पहनने का मामले पर कॉलेज परिसर में विवाद उत्पन्न हुआ।
जूही सिंह नाम की छात्रा को नोज रिंग ( नाक में पहनने का गहना) कॉलेज से निष्कासित किए जाने पर अखिल भारतीय परिषद (एबीवीपी) ने कॉलेज परिसर में कॉलेज के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं, कॉलेज के मुख्य द्वार के समक्ष पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया। करीबन 4 घंटो तक कॉलेज परिसर में हंगामा हुआ। मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंची व मामले को शांत करने की कोशिश की।
एबीवीपी केंद्रीय कार्य सदस्य दिशा दित्या ने कहा कि किसी छात्रा के साथ उसकी सांस्कृतिक अथवा पारंपरिक पहचान के कारण भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।
शिक्षा संस्थानों में प्रत्येक विद्यार्थी की गरिमा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एबीवीपी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराने की मांग करता हैं।
वहीं छात्रा का आरोप हैं कि 16 जून से कक्षा शुरू होने के बाद उसे नोज रिंग हटाने के लिए कहा गया। उसने प्रबंधन को बताया कि चिकित्सकीय कारणों से वह तत्काल नोज रिंग नहीं निकाल सकती, उसकी बात नहीं सुनी गई।
छात्र ने कहा बिना किसी लिखित नोटिस के उसे स्कूल से बाहर कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके धर्म और क्षेत्रीय पहचान को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। यहां तक कि इस दौरान उसके धर्म और क्षेत्रीय पहचान को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
छात्रा के अभिभावकों ने बताया कि बेटी का इलाज चल रहा था और उन्होंने स्कूल प्रशासन से कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी, ताकि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नोज रिंग हटाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान नियमावली में नोज रिंग पहनने पर स्पष्ट प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। हंगामें के पश्चात दोनों पक्षों के बीच प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान छात्रा जूही की माता खुशी सिंह ने स्वयं नामांकन (एडमीशन शुल्क वापसी) निरस्त कर शुल्क वापसी की मांग की। उनकी सहमति व अनुरोध पर कॉलेज प्रबंधन ने नियमानुसार 5:15 में जूही सिंह का नामांकन निरस्त कर सहयोग प्रदान किया।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष
उर्सुलाइन इंटर कॉलेज प्रबंधन ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि छात्रा जूही सिंह (कक्षा 11वीं, कला संकाय) ने 11 मई 2026 को नामांकन लिया।
कला संकाय की कक्षाएं 15 जून से ओरिएंटेशन के साथ प्रारंभ हुईं। छात्रा 15 व 16 जून को उपस्थित रही, परंतु अस्वस्थता के कारण 17 से 20 जून तक अनुपस्थित रही।
22 व 23 जून को विद्यालय के अनुपस्थिति रिकार्ड (पीला कार्ड) पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया प्रशासनिक कारणों से पूरी नहीं हो सकी। 24 जून को छात्रा अपने अभिभावक के साथ आई।
इस दौरान अनुपस्थिति आवेदन व कॉलेज की निर्धारित ड्रेस व अनुशासन संबंधी नियमों, विशेषकर आभूषण नहीं पहनने के प्रावधान, की जानकारी दी गई।
कॉलेज प्रबंधन ने छात्रा की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए समय देने का भी प्रस्ताव रखा, किंतु इस विषय पर अभिभावकों से लंबी बहस हुई।
बाद में पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में भी वार्ता हुई और समाधान का प्रयास किया गया। इसी दौरान छात्रा की माता खुशी सिंह ने स्वयं नामांकन (एडमीशन शुल्क वापसी) निरस्त कर शुल्क वापसी की मांग की।
उनकी सहमति व अनुरोध पर कॉलेज प्रबंधन ने नियमानुसार 5:15 में जूही सिंह का नामांकन निरस्त कर सहयोग प्रदान किया।
प्रबंधन ने कहा कि छात्रा को किसी भी समय कॉलेज से निष्कासित करने का निर्णय नहीं लिया गया था और न ही धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई टिप्पणी की गई।
इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों में प्रसारित ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार व भ्रामक हैं। कॉलेज सभी विद्यार्थियों के लिए समान नियम लागू करता है तथा अनुशासन, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
विद्यालय प्रशासन सभी से अपील करता है, कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना भ्रामक सूचनाओं का प्रसार न करें और शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
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