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    CID की कार्रवाई के बाद एक्शन मोड में अस्पताल प्रशासन, RIMS में अब सभी स्टूडेंट्स के दस्तावेज की होगी जांच

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 08:17 AM (IST)

    रिम्स के नए निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने सभी मेडिकल छात्रों के दस्तावेज़ सत्यापन की घोषणा की। उन्होंने मरीजों की बेहतर देखभाल और शिक्षण व्यवस्था में सुधा ...और पढ़ें

    सीआइडी की टीम की छापेमारी के बाद एक्शन में रिम्स प्रबंधन

    सीआइडी की टीम की छापेमारी के बाद एक्शन में रिम्स प्रबंधन

    HighLights

    1. सभी मेडिकल छात्रों के दस्तावेज़ सत्यापन अनिवार्य होगा।

    2. मरीजों की बेहतर देखभाल हेतु व्यवस्था में सुधार।

    3. शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    जागरण संवाददाता, रांची। रिम्स में प्रभार ग्रहण करने के बाद डायरेक्टर डॉ. डीके सिन्हा ने शनिवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने बताया कि अब रिम्स में एडमिशन लेने वाले सभी स्टूडेंट्स का डाक्यूमेंट वेरिफकेशन कराया जाएगा।

    संबंधित पदाधिकारी के पास भेजकर डाक्यूमेंट की जांच कराई जाएगी। तीन मेडिकल छात्रों की शिकायत पर रिम्स पहुंची सीआईडी की टीम की कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। डायरेक्टर ने कहा कि शिकायत के बाद तीन छात्रों में से दो का वेरिफिकेशन कराया जा चुका है जबकि एक छात्र की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

    उन्होंने कहा कि प्रभार ग्रहण करने के बाद ट्रामा सेंटर सह सेंट्रल इमरजेंसी का निरीक्षण किया है। इसके बाद क्रिटिकल केयर हेड के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को पटरी पर लाने और मरीजों की सहूलियत के लिए महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।

    इसके तहत मानिटरिंग को मजबूत करने के लिए अब तीन शिफ्टों में डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि हर शिफ्ट में एक डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट ड्यूटी पर रहेंगे। ऐसे में इलाज करने के लिए आने वाली मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    संस्थान के समग्र विकास एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी प्राथमिकताओं एवं कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता रिम्स आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होगी।

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    मरीजों के हित से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संस्थान में आवश्यक सुधारात्मक कदम निरंतर उठाए जाएंगे ताकि उपचार व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके। निदेशक ने कहा कि रिम्स एक प्रमुख शिक्षण एवं चिकित्सा संस्थान है, जहां एमबीबीएस, बीडीएस, नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन होता है।

    ऐसे में उनकी दूसरी प्रमुख प्राथमिकता शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाना होगी। उन्होंने कहा कि पठन-पाठन सुचारु रूप से संचालित हो, इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अन्य संसाधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    दवाइयां व जरूरी सामग्री होगी उपलब्ध

    निदेशक ने कहा कि मरीजों को बाहर से दवाइयां न खरीदनी पड़ें, इसके लिए अस्पताल में सभी आवश्यक दवाएं और आवश्यक सामग्रियां हर समय उपलब्ध कराई जाएंगी। रिम्स में बेड और मैनपावर (कर्मचारियों) की कमी को तत्काल प्रभाव से दूर करने का निर्देश दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि अब ओपीडी में डाक्टरों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से ड्यूटी करनी होगी। सरकारी सेवा में रहते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों पर रिम्स प्रबंधन अब सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करने की तैयारी में है।

    उन्होंने कहा कि एमबीबीएस नामांकन एवं टेंडर प्रक्रियाओं से संबंधित मामलों की जांच कर रही सक्षम एजेंसियों को रिम्स प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    रिम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के समग्र विकास के लिए सभी हितधारकों चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच एवं सामूहिक भावना के साथ कार्य करना होगा।

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