रिम्स टेंडर घोटाला: सफाई में गड़बड़ी के बाद अब खुलेंगी अन्य फाइलें, CID जांच तेज
रिम्स में सफाई व्यवस्था के टेंडर में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी अब पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के कार्यकाल के अन्य टेंडरों की फाइलें भी खोलेगी। ...और पढ़ें

झारखंड सीआईडी। (फाइल फोटो)
HighLights
रिम्स सफाई टेंडर अनियमितता में सीआईडी की जांच जारी।
पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के कार्यकाल के अन्य टेंडर भी खुलेंगे।
अयोग्य एजेंसियों को ठेका मिलने पर टेंडर कमेटी से पूछताछ।
राज्य ब्यूरो, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सफाई व्यवस्था के टेंडर में अनियमितता के बाद अन्य टेंडरों की भी फाइलें खुलेंगी।
सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर में अनियमितता मामले की जांच कर रही सीआईडी ने छापेमारी के दौरान करीब आधा दर्जन फाइलें जब्त की थी।
सभी फाइलों की छानबीन चल रही है। छानबीन के क्रम में जरूरत के अनुसार सीआईडी विशेषज्ञ की भी मदद लेगी। अब तक की जांच में सीआईडी को अनियमितता से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं।
जैसे, टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं करने वाली अयोग्य एजेंसी को रिम्स में सफाई व्यवस्था का ठेका मिला था। जिनका वार्षिक टर्न ओवर भी मानक के अनुरूप नहीं था, उन्हें भी रिम्स में काम मिला था।
सीआईडी के जांच अधिकारी इन बिंदुओं से जुड़ी फाइलें खंगाल रहे हैं। जांच के क्रम में रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के कार्यकाल के अन्य टेंडरों की भी जानकारी मिली है, जिनमें अनियमितता की सूचना है। सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर के बाद अन्य टेंडरों की भी फाइलें खुलेंगी।
बहुत जल्द टेंडर कमेटी के सदस्यों का भी बयान लेंगे अधिकारी
सीआईडी के अधिकारी बहुत जल्द टेंडर कमेटी के अन्य सदस्यों का भी बयान लेंगे। सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर की तिथि समाप्त होने के दूसरे दिन फिर से तिथि बढ़ाने संबंधित निर्णय को नियम विरुद्ध जाकर आखिर किस परिस्थिति में लिया गया।
टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं करने वाली एजेंसी को भी काम कैसे मिल गया। ये सभी बिंदु जांच के अधीन हैं और इन बिंदुओं पर टेंडर कमेटी के अन्य सदस्यों से पूछताछ होगी।
आरोप है कि यूपी की तीन कंपनियों को नियमों को ताक पर रखकर सफाई व्यवस्था का टेंडर दिया गया था। ये टेंडर रिम्स में पूर्ण स्वच्छता, हाउसकीपिंग, नगर कचरा प्रबंधन और बायोमेडिकल वेस्ट हैंडलिंग से जुड़े थे।
रिम्स में पूर्व में सफाई कार्य से जुड़ी अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विसेज ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी। मामला कोर्ट भी गया था। इसके बाद ही इस मामले में सीआईडी ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
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