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    रिम्स आश्रयगृह की बदहाली पर भड़के केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, स्वास्थ्य मंत्री से की तत्काल सुधार की मांग

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रिम्स आश्रयगृह का निरीक्षण कर उसकी बदहाल व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। ...और पढ़ें

    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रिम्स स्थित आश्रयगृह का किया निरीक्षण।

    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रिम्स स्थित आश्रयगृह का किया निरीक्षण।

    HighLights

    1. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रिम्स आश्रयगृह का निरीक्षण किया।

    2. आश्रयगृह की बदहाल व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई, लिफ्ट खराब, पानी जमा।

    3. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से तत्काल सुधार की मांग की।

    जागरण संवाददाता, रांची। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रिम्स स्थित आश्रयगृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रयगृह की बदहाल व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन पर सवाल उठाए।

    उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के उद्देश्य से बनाए गए इस आश्रयगृह की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है।

    संजय सेठ ने कहा कि उनकी पहल पर पावरग्रिड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से आश्रयगृह का निर्माण कराया गया था।

    इसका उद्देश्य रिम्स में इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों के परिजनों को कम खर्च में रहने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन आज यह उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि आश्रयगृह की दोनों लिफ्टें लंबे समय से खराब हैं। कॉरिडोर में जगह-जगह पानी जमा है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

    वहीं, कैंटीन में भोजन की कीमतों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि यहां भोजन की दरें इतनी अधिक हैं कि गरीब मरीजों के परिजनों के लिए इसका लाभ उठाना मुश्किल हो गया है।

    उन्होंने कहा कि आश्रयगृह में ऐसी व्यवस्था दिख रही है, मानो किसी रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा हो। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि जनसेवा के लिए बनाए गए संस्थानों का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना होना चाहिए।

    तत्काल सुधार करें स्वास्थ्य मंत्री

    उन्होंने आरोप लगाया कि आश्रयगृह की व्यवस्था गरीबों की सुविधा के बजाय कमाई का माध्यम बन गई है। संजय सेठ ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से रिम्स की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां हर दिन हजारों गरीब मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनके परिजनों के लिए सम्मानजनक आवास, स्वच्छ वातावरण और सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराना सरकार और रिम्स प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि आश्रयगृह में लिफ्ट, साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाना चाहिए, ताकि गरीब मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।

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