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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Suchitra Murder Case: सुचित्रा मिश्रा हत्‍याकांड में बुरे फंसे भाजपा विधायक, शशिभूषण मेहता सहित छह लोगों को कोर्ट का नोटिस

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Wed, 11 Oct 2023 10:07 AM (IST)

    शिक्षिका सुचित्रा मिश्रा हत्‍याकांड एक बार फिर से चर्चा में है। रांची की निचली अदालत ने इसमें सभी आरोपितों को बरी कर दिया था। इनमें स्कूल के निदेशक और ...और पढ़ें

    शिक्षिका सुचित्रा हत्याकांड में भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता को नोटिस।
    शिक्षिका सुचित्रा हत्याकांड में भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता को नोटिस।

    HighLights

    1. ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षिका सुचित्रा की हुई थी हत्या।
    2. निचली अदालत ने कर दिया था भाजपा विधायक समेत सभी को बरी।
    3. अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में दी गई चुनौती।

    राज्य ब्यूरो, रांची। Suchitra Murder Case News: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद व जस्टिस नवनीत कुमार की खंडपीठ में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड मामले में आरोपितों को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई हुई।

    भाजपा विधायक सहित छह लोगों को नोटिस जारी 

    सुनवाई के बाद अदालत ने स्कूल के निदेशक एवं पांकी से भाजपा के विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता सहित छह लोगों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।

    निचली अदालत से सभी आरोपितों को बरी किए जाने के विरुद्ध गोविंद मिश्रा ने हाई कोर्ट में अपील याचिका दाखिल की थी।

    इधर, सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि निचली अदालत ने सभी आरोपितों को बरी कर दिया है। अदालत ने तथ्यों पर गौर किए बिना ही आदेश पारित किया है, जो उचित नहीं है।

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    साल 2012 में हुई थी सुचित्रा की हत्‍या

    ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुचित्रा मिश्रा की हत्या 11 मई, 2012 को रात साढ़े आठ बजे कार से कुचल कर धुर्वा में कर दी गई थी। इसके बाद सुचित्रा के भाई गोविंद ने शशिभूषण मेहता सहित अन्य लोगों पर प्राथमिकी कराई थी।

    निचली अदालत ने कर दिया था आरोपितों को बरी

    रांची की निचली अदालत ने इस मामले की सुनवाई के बाद 20 दिसंबर 2019 शशिभूषण मेहता, राजनाथ सिंह, प्रदीप कुमार पासवान, धर्मेंद्र कुमार ठाकुर, अनूप सिंह एवं सत्य प्रकाश को बरी कर दिया था।

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