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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भूमि व अवैध खनन घोटाला में ED के रिमाइंडर पर कानूनी सलाह ले रही राज्य सरकार, गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ अब तक नहीं कोई कार्रवाई

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Wed, 11 Oct 2023 09:23 AM (IST)

    झारखंड में भूमि व अवैध खनन घोटाले में गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुशंसा ईडी ने राज्‍य सरकार से की थी। हालांकि ईडी के बार-बार रिमाइंड ...और पढ़ें

    मनरेगा घोटाले में गिरफ्तार निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल की फाइल फोटो।
    मनरेगा घोटाले में गिरफ्तार निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. भूमि घोटाले में गिरफ्तार अंचल निरीक्षक भानु प्रताप पर दर्ज हुई प्राथमिकी।
    2. मुख्य सचिव की ओर से ईडी को नहीं मिला है जवाब।

    राज्य ब्यूरो, रांची। मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई में मिले नए तथ्यों के आधार पर ईडी ने आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लगभग आधा दर्जन रिमाइंडर मुख्य सचिव को भेजे हैं। इससे इतर सिर्फ भूमि घोटाले में गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप के खिलाफ प्राथमिकी हुई है।

    ईडी के समन पर राज्‍य सरकार ले रही कानूनी सलाह

    बताया जाता है कि ईडी द्वारा भेजे गए समन पर सरकार कानूनी सलाह ले रही है। इसके बाद इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    बहरहाल, मुख्य सचिव को संबोधित रिमाइंडर पर ईडी को जवाब नहीं मिला है। ईडी ने मनरेगा घोटाले में गिरफ्तार निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के विरुद्ध जांच के क्रम में अवैध खनन का मामला पकड़ा था।

    निलंबित IAS के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने खोला था राज

    पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के पास से ईडी को पूजा सिंघल के लिए रिश्वत में आए 19.76 करोड़ रुपये मिले थे। तब सुमन कुमार ने यह स्वीकार किया था कि उक्त रुपये अवैध खनन में मिले कमीशन के थे।

    इसके बाद ईडी ने पूरे ब्योरे के साथ राज्य सरकार को पूजा सिंघल व उनके सहयोगियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधि व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में केस दर्ज करने की अनुशंसा की थी।

    इस अनुशंसा के बाद ईडी रिमाइंडर पर रिमाइंडर करती रही। सात बार पूजा सिंघल के विरुद्ध रिमाइंडर के बावजूद किसी भी रिमाइंडर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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    इनके विरुद्ध भी ईडी ने की थी कार्रवाई की अनुशंसा

    ईडी ने पूजा सिंघल, उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार, पाकुड़ के जिला खनन पदाधिकारी प्रदीप कुमार, दुमका डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू, साहिबगंज के डीएमओ विभूति कुमार, रामगढ़ के डीएमओ नितेश कुमार गुप्ता, पश्चिमी सिंहभूम के डीएमओ निशांत अभिषेक व खूंटी के डीएमओ नदीम साफी पर प्राथमिकी करने की अनुशंसा भेजी थी। निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम, आइएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का के विरुद्ध भी प्राथमिकी की अनुशंसा की थी।

    कोर्ट को भी ईडी ने दी है जानकारी

    ईडी ने ईडी की विशेष अदालत को भी इसकी जानकारी दे दी है कि कई बार राज्य सरकार को अनुशंसा व रिमाइंडर भेजने के बावजूद किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने या कार्रवाई संबंधित कोई सूचना ईडी को नहीं है। राज्य सरकार ने उन अनुशंसाओं व रिमाइंडर का क्या किया, इसकी जानकारी ईडी को अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

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