Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Tender Commission Scam : आलमगीर की मुश्किलें बढ़ाएगी ये डायरी! कोडवर्ड में दर्ज है करोड़ों के लेनदेन का हिसाब

    Updated: Wed, 22 May 2024 08:16 PM (IST)

    टेंडर कमीशन घोटाला मामले में 15 मई को गिरफ्तार झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम छह दिनों की रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को ईडी की विशेष अदालत में ...और पढ़ें

    आलमगीर की मुश्किल बढ़ाएगी छापेमारी में मिली डायरी। (सांकेतिक फोटो)
    आलमगीर की मुश्किल बढ़ाएगी छापेमारी में मिली डायरी। (सांकेतिक फोटो)

    HighLights

    1. मंत्री आलमगीर आलम से रिमांड पर और पांच दिनों तक पूछताछ करेगी ईडी, 27 मई को कोर्ट में करेगी प्रस्तुत
    2. मंत्री के लिए साहब, एम व एच का हुआ है उपयोग, एक जगह साहब के लिए 11.58 करोड़ के कमीशन का जिक्र

    राज्य ब्यूरो, रांची। टेंडर कमीशन घोटाला मामले में 15 मई को गिरफ्तार ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम छह दिनों की रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को ईडी की रांची स्थित विशेष अदालत में प्रस्तुत किए गए। ईडी ने उन्हें 17 मई से छह दिनों की रिमांड पर लिया था।

    ईडी ने मंत्री आलमगीर आलम के विरुद्ध मिले सबूतों का हवाला देते हुए अभी और पूछताछ की आवश्यकता जताई और रिमांड अवधि और आठ दिन बढ़ाने के लिए कोर्ट से आग्रह किया।

    ईडी के रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद पीएमएलए कोर्ट ने और पांच दिनों तक पूछताछ की अनुमति दी है। अब ईडी मंत्री आलमगीर आलम को 27 मई को पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत करेगी।

    ईडी ने आलमगीर आलम के लिए रिमांड बढ़ाने संबंधित आवेदन में ग्रामीण विकास विभाग में अधिकारियों, ठेकेदारों व नेताओं के गठजोड़ का जिक्र किया है।

    पूर्व में छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज के कुछ डायरी के पन्नों को भी कोर्ट में लगाया है, जिसमें कोड में भुगतान का जिक्र है। मंत्री के लिए एम व ऑनरेबल मिनिस्टर के लिए एच के उपयोग का जिक्र तो है ही, मंत्री आलमगीर आलम के लिए साहब शब्द का भी इस्तेमाल होता था। एक जगह एम का उपयोग मनीष नाम के व्यक्ति के लिए हुआ है, जिन्हें करीब 4.22 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है।

    डायरी के एक पन्ने पर कोड में कुछ ठेकेदारों से संबंधित कोड वर्ड का इस्तेमाल भी हुआ है, जिसमें उन्हें कितने का कार्य आवंटन हुआ है उसका जिक्र है। इसी पन्ने पर साहब (मंत्री आलमगीर आलम) को कमीशन में 11.58 करोड़ रुपये दिए जाने का जिक्र किया गया है।

    डायरी के अनुसार किसे कितना भुगतान?

    • डीएस (डिप्टी सेक्रेटरी) : 21.07 करोड़।
    • यू (उमेश) : 5.95 करोड़।
    • एम (मनीष) : 4.22 करोड़।
    • एच (आनरेबल मिनिस्टर) : 7.30 करोड़।
    • सीई (चिफ इंजीनियर) : 1.33 करोड़।

    बरामद दस्तावेज आलमगीर के विरुद्ध, जांच जरूरी

    ईडी ने पीएमएलए कोर्ट को बताया है कि टेंडर कमीशन घोटाले में आलमगीर आलम संलिप्त थे। उनसे संबंधित ठिकानों से बरामद दस्तावेजों की जांच में उनके विरुद्ध ठोस साक्ष्य मिले हैं। जांच में कुछ नए तथ्य मिले हैं, जिनपर मंत्री आलमगीर आलम का सत्यापन कराना आवश्यक है।

    खबरें और भी

    ईडी ने कोर्ट को बताया है कि मंत्री के निजी सचिव संजीव लाल व नौकर जहांगीर आलम से पूछताछ में भी नए तथ्य सामने आए हैं, जिनके बारे में मंत्री से पूछताछ आवश्यक है।

    मंत्री ईडी को पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। महत्वपूर्ण सूचनाओं को छुपा रहे हैं, जो रुपयों के स्रोत से संबंधित हैं। वे इस घोटाले में अन्य सहयोगियों, संदेही अभियुक्तों की सूचनाओं को भी छुपा रहे हैं। इसलिए इनसे अभी और पूछताछ की आवश्यकता है।

    यह भी पढ़ें: Priyanka Gandhi : 'हंसी आती है ये लोग...' PM के मंगलसूत्र, भैंस और राशन का प्रियंका गांधी ने दिया ये जवाब

    Tender Commission Scam : टेंडर कमीशन घोटाले में अब IAS मनीष रंजन को ED का समन, 24 मई को पूछताछ के लिए बुलाया