उड़ान-2.0 से रांची को मिलेगी नई उड़ान, झारखंड में दो नए एयरपोर्ट बोकारो और धालभूमगढ़ विकास की राह पर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उड़ान-2.0 योजना को मंजूरी दी है, जिससे झारखंड में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट ...और पढ़ें

उड़ान-2.0 से झारखंड में हवाई संपर्क का विस्तार: रांची, बोकारो और धालभूमगढ़ एयरपोर्ट पर फोकस।
HighLights
उड़ान-2.0 से झारखंड में हवाई कनेक्टिविटी का होगा विस्तार।
बोकारो, धालभूमगढ़ एयरपोर्ट विकास से व्यापार, पर्यटन बढ़ेगा।
रांची एयरपोर्ट का विस्तार, क्षेत्रीय विमानन हब बनाने की योजना।
जागरण संवाददाता, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा संशोधित उड़ान (यूडीएएन) योजना यानी उड़ान-2.0 को मंजूरी मिलने के बाद झारखंड में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर नई उम्मीद जगी है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिसका सीधा लाभ झारखंड, खासकर रांची को मिलने की संभावना है। रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद ।कुमार ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने बताया कि उड़ान-2.0 से राज्य में एयर कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ेगा। रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहले से ही राज्य का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और आने वाले समय में इसे रीजनल एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी, जिसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। यह पहल सरकार के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अनुरूप है।
पर्यटन गतिविधियों को मिलेगी गति
योजना के तहत प्रदेश में बोकारो और धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। बोकारो जहां औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, वहीं धालभूमगढ़ पूर्वी झारखंड और पर्यटन क्षेत्रों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।
उड़ान-2.0 के लागू होने से राज्य के टियर-2 और टियर-3 शहरों में व्यापार, निवेश और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क से उद्योगों को लाजिस्टिक्स में सुविधा होगी, जिससे निवेश का माहौल मजबूत होगा। वहीं, पर्यटकों के लिए झारखंड तक पहुंच आसान होने से राज्य के पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलेगा।
जमीन की वजह से कई कार्य प्रभावित
डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि रांची एयरपोर्ट को जिला प्रशासन द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जमीन के अभाव में कई विकास कार्य प्रभावित हो गए है। कैट टू लाइट, टैक्सी पाथवे, रनवे विस्तार सहित कई योजनाओं का काम प्रभावित है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- रांची से हवाई यात्रा 5000 रुपये तक हुई महंगी, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; खाड़ी युद्ध का असर
यह भी पढ़ें- झारखंड से मुंबई और अजमेर का सफर अब आसान! रेलवे ने चलाई दो नई समर स्पेशल ट्रेनें, पूरी डिटेल्स
यह भी पढ़ें- PM Modi के ‘मन की बात’ के बाद रांची की 100 साल पुरानी ओडिया पांडुलिपि का होगा संरक्षण