यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड को मिलने जा रही बड़ी सौगात, 1300 करोड़ की लागत से बन रहा Four Lane जल्द होगा शुरू; तारीख आई सामने
इस साल जून तक बांसकोला-केलाबाड़ी फोरलेन पथ का काम पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। 42 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण का काम काफी तेज गति से चल रहा है। दो ...और पढ़ें

HighLights
- पीएम नरेंद्र मोदी ने रखी थी सड़क की आधारशिला
- सड़क के निर्माण की मॉनीटरिंग पीएमओ कर रहा
जागरण संवाददाता, साहिबगंज। इस साल जून तक बांसकोला-केलाबाड़ी फोरलेन पथ का काम पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। 42 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण का काम काफी तेज गति से चल रहा है। दो रेल ओवरब्रिज व तीन अंडरपास का निर्माण अंतिम चरण में है।
लगभग 1300 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। इस सड़क के निर्माण की मॉनीटरिंग पीएमओ कर रहा है। इस सड़क का निर्माण एक जनवरी 2022 को शुरू हुआ था। तीन जुलाई 2023 तक कार्य पूर्ण कर देना था।
भूमि मिलने में विलंब होने की वजह से सड़क निर्माण में करीब सात माह विलंब हो चुका है। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस साल बरसात से पूर्व इसे पूरा कराने के लिए जोर शोर से जुटा हुआ है। करीब 450 करोड़ रुपया जमीन व संरचना के मुआवजा के रूप में रैयतों को देना था।
इनमें से 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पिछले दिनों जगह-जगह कैंप भी लगाया गया था।
28 किमी में बन चुकी सड़क
महाराजपुर व सरकंडा के कुछ हिस्से को छोड़कर बांसकोला से राजमहल तक करीब 28 किमी में सड़क लगभग बन चुकी है। राजमहल से उधवा के बीच 14 किलोमीटर में काम ज्यादा बाकी है। इस फोरलेन में महाराजपुर व बेगमपुरा में रेलवे ओवरब्रिज तथा मंगलहाट, राजमहल बाइपास व उधवा बाइपास में अंडरपास निर्माण का काम काफी तेज गति से चल रहा है।
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इस सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद साहिबगंज जिला मुख्यालय से उधवा तक की दूरी करीब एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में साहिबगंज से उधवा जाने में दो घंटे से भी अधिक समय लग जाता है। साहिबगंज से राजमहल जाने में मात्र 40 से 45 मिनट का समय लगेगा।
बांसकोला-केलाबाड़ी फोरलेन का काम जून तक पूरा कराने का लक्ष्य है। काफी तेज गति से काम चल रहा है। कुछ मुआवजा वितरण अभी बाकी है। इसके लिए पिछले दिनों जगह-जगह कैंप भी लगाया गया था। कई जगह काम हो चुका है, लेकिन रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। ऐसे रैयत जल्द ही जिला भू अर्जन कार्यालय से संपर्क कर अपना कागजात जमा कर मुआवजा प्राप्त कर लें। विलंब करने से उन्हें परेशानी हो सकती है।- शरत कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, साहिबगंज
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