चाईबासा में 30 हजार जांच में मिले 997 मरीज, मनोहरपुर और गोईलकेरा समेत 6 प्रखंड मलेरिया हॉटस्पॉट घोषित
पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में जुलाई के पहले सप्ताह में 30 हजार जांच में 997 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। ...और पढ़ें

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HighLights
मनोहरपुर, गोईलकेरा सहित छह क्षेत्र हॉटस्पॉट घोषित।
412 बिना लक्षण वाले मरीज स्वास्थ्य विभाग की चिंता।
संवाद सहयोगी, चाईबासा। जमशेदपुर के बाद अब पड़ोसी जिले पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में भी मलेरिया का प्रकोप धीरे-धीरे पैर पसारने लगा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक जिले में मलेरिया से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि लगातार बढ़ते आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उदयम 2.0 अभियान के तहत जिलेभर में घर-घर जाकर मलेरिया खोजी अभियान तेज कर दिया है।
जुलाई के पहले हफ्ते में 997 संक्रमित, ये 6 क्षेत्र बने हॉटस्पॉट
जुलाई के पहले सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग ने करीब 30 हजार लोगों की रैपिड डायग्नोस्टिक किट (RDT) से जांच की, जिसमें रिकॉर्ड 997 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं।
सबसे अधिक मरीज जंगल और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए हैं। विभाग ने संक्रमण की अधिकता को देखते हुए निम्नलिखित 6 क्षेत्रों को मलेरिया संभावित हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है:
- मनोहरपुर
- गोईलकेरा
- टोंटो
- सोनुवा
- झींकपानी
- बड़ाजामदा
बिना लक्षण वाले मरीजों ने बढ़ाई चिंता
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुल 997 संक्रमितों में से 412 मरीजों में मलेरिया के कोई स्पष्ट लक्षण (Asymptomatic) नहीं थे।
ये मरीज सामान्य रूप से पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे थे, लेकिन जांच में पॉजिटिव पाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना लक्षण वाले ऐसे मरीज अनजाने में दूसरों तक संक्रमण फैलाने का बड़ा कारण बन सकते हैं।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तेज
मलेरिया नियंत्रण अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उपायुक्त (DC) कार्यालय द्वारा गठित विशेष टीम प्रतिदिन जांच अभियान, मरीजों की संख्या और प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा कर रही है।
मलेरिया नियंत्रण को लेकर हमारी टीम लगातार जांच अभियान चला रही है और पॉजिटिव मरीजों का तत्काल उपचार किया जा रहा है। विशेष रूप से जंगली क्षेत्रों में फोकस है। जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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डॉ. शिवचरण हांसदा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, चाईबासा