आप भी तो नहीं पहन रहीं गलत साइज की ब्रा? सांस लेने में दिक्कत और पीठ दर्द जैसी हो सकती हैं समस्याएं
गलत साइज की ब्रा पहनने से न सिर्फ लुक बिगड़ता है, बल्कि सेहत से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ...और पढ़ें
-1780404212160_m.webp)
गलत साइज की ब्रा पहनने के नुकसान (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रा महिलाओं के वॉर्डरोब का एक अहम हिस्सा है, लेकिन कई महिलाएं ब्रा खरीदते समय सिर्फ रंग या डिजाइन पर ज्यादा ध्यान देती हैं। गलत साइज की ब्रा न सिर्फ डिसकम्फर्ट की वजह बनती है, बल्कि सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
इसलिए ब्रा खरीदते समय साइज पर खास ध्यान देना जरूरी है। आइए जानें गलत साइज की ब्रा पहनने से क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं।
पीठ, गर्दन और कंधों में लगातार दर्द
यह गलत साइज की ब्रा पहनने का सबसे कॉमन नुकसान है। अगर आपकी ब्रा बहुत ढीली है, तो यह स्तनों को सही सपोर्ट नहीं दे पाती। इस स्थिति में स्तनों का पूरा भार आपकी पीठ और गर्दन की मांसपेशियों पर आ जाता है, जिससे वहां लगातार दर्द रहने लगता है। वहीं, अगर ब्रा बहुत टाइट है, तो उसकी स्ट्रैप्स कंधों पर दबाव डालती हैं, जिससे कंधों और कॉलर बोन के आसपास दर्द हो सकता है।
खराब पोस्चर
जब ब्रा सही सपोर्ट नहीं देती, तो महिलाएं अनजाने में स्तनों के भार को संभालने के लिए आगे की तरफ झुककर बैठने या चलने लगती हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है और बॉडी पोस्चर पूरी तरह खराब हो जाता है। कंधे झुक जाते हैं और आगे चलकर कूबड़ निकलने जैसी समस्या भी शुरू हो सकती है।
त्वचा से जुड़ी समस्याएं और रैशेज
बहुत ज्यादा टाइट ब्रा पहनने से त्वचा और कपड़े के बीच लगातार फ्रिक्शन होता है। खासकर गर्मी के दिनों में, टाइट ब्रा के नीचे पसीना जमा होने की वजह से त्वचा पर रैशेज, फंगल इन्फेक्शन और खुजली की समस्या हो सकती है। स्ट्रैप्स और अंडरवायर के ज्यादा टाइट होने से त्वचा पर काले निशान भी पड़ जाते हैं।
खबरें और भी
ब्लड सर्कुलेशन और सांस लेने में दिक्कत
ज्यादा टाइट ब्रा पहनने से छाती और पसलियों के आसपास का हिस्सा लगातार दबा रहता है। यह दबाव आपके ब्लड सर्कुलेशन को धीमा कर सकता है। इतना ही नहीं, बहुत टाइट ब्रा आपके डायफ्राम को पूरी तरह फैलने से रोकती है, जिससे आपको खुलकर सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है और घबराहट या बेचैनी बढ़ सकती है।
ब्रेस्ट के आकार पर असर
अगर आप जरूरत से ज्यादा ढीली या बिना सपोर्ट वाली ब्रा पहनती हैं, तो स्तनों के टिश्यूज में खिंचाव आने लगता है। इससे ब्रेस्ट सैगिंग की समस्या हो सकती है।
सही साइज कैसे चुनें?
इन सभी समस्याओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप हर 6 महीने या एक साल में अपना सही ब्रा साइज दोबारा मापें, क्योंकि वजन घटने या बढ़ने, हार्मोनल बदलाव और उम्र के साथ शरीर का आकार बदलता रहता है।
एक परफेक्ट फिटिंग ब्रा वह है जिसका बैंड आपकी पीठ पर बिल्कुल सीधा रहे, ऊपर न चढ़े, स्ट्रैप्स कंधों में धंसने के बजाय आराम से टिके रहें और कप्स में से ब्रेस्ट सही तरीके से फिट हो।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।