सोशल मीडिया बायो से लेकर गले के पेंडेंट तक, अब Zodiac Signs बन गए हैं जेन-जी का सबसे बड़ा फैशन ट्रेंड
ज्योतिष अब सिर्फ पुराने जमाने की बात नहीं है। जेने-जी इसे पूरे दिल से अपना रही है और अपने फैशन में भी शामिल कर रही है। ...और पढ़ें

जेन-जी का फैशन स्टेटमेंट बने जोडिएक साइन (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि आजकल के युवाओं के लिए उनकी राशि केवल उनके भविष्य का आईना नहीं, बल्कि उनकी पहचान का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुकी है? जेन-जी के लिए आपका सन साइन या मून साइन क्या है? यह महज एक सामान्य सवाल से बढ़कर दोस्ती और बातचीत शुरू करने का एक जरिया बन गया है।
सितारों की चाल और ग्रहों का प्रभाव अब केवल पुरानी पोथियों से बाहर निकलकर सोशल मीडिया के बायो से लेकर गले के पेंडेंट तक, हर जगह फैशन की एक नई भाषा बनकर उभरा है। आइए जानें कैसे ज्योतिष ने जेन-जी के फैशन में जगह बना ली है।
डिजिटल दुनिया से ज्वेलरी मार्केट तक का सफर
सोशल मीडिया पर ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़ी कम्युनिटीज का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि इनसे जुड़े वीडियो की संख्या 60 लाख के पार पहुंच चुकी है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आजकल के युवा अपनी शख्सियत को बयां करने के लिए एस्ट्रोलॉजी का सहारा ले रहे हैं। यही कारण है कि जो रहस्यमयी बातें कभी पुरानी मानी जाती थीं, वे आज सुपरहिट ट्रेंड बन चुकी हैं। डिजिटल दुनिया का यह क्रेज अब ज्वेलरी मार्केट में भी तहलका मचा रहा है। दुनिया के बड़े लग्जरी ज्वेलरी ब्रांड्स अब राशियों पर आधारित खास कलेक्शन लॉन्च कर रहे हैं।
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(Picture Courtesy: Instagram)
लग्जरी ब्रांड्स और जोडिएक इनोवेशन
दिलचस्प बात यह है कि पेरिस के मशहूर ज्वेलरी हाउस, जो कभी अपनी करोड़ों की कीमत वाली जूलरी के लिए जाने जाते थे, वे भी अब युवाओं की पसंद को देखते हुए बदलाव कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, 1950 के दशक से राशि वाले पेंडेंट बनाने वाले ब्रांड्स ने 2026 में अपने डिजाइनों को नए और किफायती रूप में दोबारा पेश किया है। जहां पहले इन पेंडेंट की कीमत 18-20 लाख रुपये तक होती थी, वहीं अब नई पीढ़ी की पहुंच को ध्यान में रखते हुए इन्हें 2 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
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भारत में राशि रत्नों का सांस्कृतिक जुड़ाव
जहां पश्चिमी देशों में राशि चिह्न केवल एक स्टाइल स्टेटमेंट हैं, वहीं भारत और मध्य-पूर्व में इनका जुड़ाव संस्कृति और शक्ति से है। भारतीय हाई ज्वेलरी कलेक्शंस में अब नवरत्न से प्रेरित ऐसी अंगूठियां और गहने शामिल किए जा रहे हैं, जो वैदिक ज्योतिष के नौ रत्नों की शक्ति को दिखाते हैं। ये गहने 18 कैरेट सोने और हीरों से जड़े होने के साथ-साथ एक गहरा आध्यात्मिक संदेश भी देते हैं।
इन गहनों को बनाने की तकनीक में भी इनोवेशन हो रहा है। आजकल ऐसे हार और अंगूठियां पसंद की जा रही हैं जिनमें कीमती पत्थर इस तरह लगाए जाते हैं कि वे पहनने वाले की त्वचा को हमेशा छूते रहें। माना जाता है कि इससे उन पत्थरों की एनर्जी सीधे व्यक्ति को मिलती रहती है।

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किस्मत बताने से स्टाइल स्टेटमेंट तक
आज की दुनिया में चीनी राशि के स्नेक या 2026 के फायर हॉर्स जैसे प्रतीकों को पहनना केवल अच्छी किस्मत की उम्मीद नहीं है, बल्कि अपनी पर्सनैलिटी को दुनिया के सामने रखने का एक तरीका है। नक्षत्रों की यह चमक अब एक ग्लोबल स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी है।