चेहरे पर ग्लो लेकिन हाथों पर झुर्रियां? महिलाओं के दिल में बैठ रहा 'ओल्ड लेडी हैंड्स' का डर
हाथों पर झुर्रियां और ढीली त्वचा को छिपाने के लिए लोग महंगी हैंड क्रीम से लेकर सर्जरी तक का सहारा ले रहे हैं।

हाथों की उम्र छिपाने के लिए चल रहा है अरबों का बाजार (AI Generated Image)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर कहा जाता है कि चेहरा इंसान का आईना होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब आपकी उम्र का राज आपके चेहरे से नहीं, बल्कि आपके हाथों से खुल रहा है? हाल के कुछ सालों में सुंदरता के पैमाने बदल गए हैं।
अब सिर्फ चेहरे का चमकना काफी नहीं है, बल्कि हाथों का बेदाग और रिंकल फ्री होना भी एक नया ब्यूटी स्टैंडर्ड बन चुका है। आइए जानते हैं कि कैसे हैंड शेमिंग के डर ने एक अरबों रुपयों का नया बाजार खड़ा कर दिया है।
हाथों की झुर्रियों का नया डर
पिछले कुछ समय से विदेशी मीडिया और सोशल मीडिया पर मशहूर हस्तियों के हाथों की तस्वीरें दिखाकर उन्हें हैंड शेम किया जाने लगा है। जब चेहरे पर कोई झुर्री नहीं होती, लेकिन हाथों की नसें उभरने लगती हैं या त्वचा ढीली पड़ जाती है, तो इसे ओल्ड लेडी हैंड्स का नाम दिया जाता है।
इस तुलना ने महिलाओं के मन में एक अनजाना डर बिठा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चेहरे और हाथों की उम्र के बीच दिखने वाला यह अंतर अब लोगों को ज्यादा परेशान करने लगा है, जिससे वे कॉस्मेटिक समाधानों की ओर भाग रहे हैं।

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क्रीम से लेकर सर्जरी तक, सब है मौजूद
ब्यूटी इंडस्ट्री ने इस डर को भांपते हुए हाथों के लिए स्पेशल प्रोडक्ट्स की बाढ़ ला दी है। अब साधारण हैंड क्रीम की जगह ऐसी प्रीमियम क्रीम आ गई हैं जिनमें रेटिनॉल, विटामिन-सी और कोलेजन जैसे तत्व होते हैं, जो पहले सिर्फ महंगे फेस सीरम में मिलते थे।
बाजार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। प्रीमियम हैंडकेयर का बाजार महज तीन सालों में 23% की रफ्तार से बढ़ा है। आज के समय में दुनिया भर में हैंडकेयर मार्केट लाखों करोड़ों रुपयों का हो चुका है। इतना ही नहीं, अब लोग सिर्फ क्रीम तक सीमित नहीं हैं; एलईडी हैंड मास्क, लेजर ट्रीटमेंट और यहां तक कि फैट ट्रांसफर सर्जरी का चलन भी बढ़ गया है। इस सर्जरी में शरीर के दूसरे हिस्से से चर्बी निकालकर हाथों में डाली जाती है, ताकि वे भरे हुए और जवां दिखें।
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(Picture Courtesy: Freepik)
जरूरत या सिर्फ कमाई का जरिया?
सवाल आता है कि क्या हाथों की ये महंगी देखभाल वाकई जरूरी है? कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना महामारी के दौरान बार-बार हाथ धोने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल से त्वचा रूखी हुई, जिससे लोगों का ध्यान अपने हाथों पर गया।
वहीं दूसरी ओर, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ब्यूटी कंपनियों की एक सोची-समझी रणनीति है। महिलाओं के मन में बढ़ती उम्र का डर पैदा करके उन्हें नए प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
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