बाल हो गए हैं पहले से पतले? इसे हेयर फॉल समझने की गलती न करें, पहचानें गंजेपन के संकेत
सामान्य से ज्यादा बाल गिरना केवल मामूली बाल झड़ने की परेशानी नहीं है, यह गंजेपन जैसा सीरियस इशू भी हो सकता है। ...और पढ़ें

गंजेपन के शुरुआती संकेत जिन्हें नहीं करना चाहिए अनदेखा (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कंघी करते समय सामान्य से ज्यादा बाल गिरना केवल मामूली बाल झड़ने की परेशानी नहीं है, यह गंजेपन जैसा सीरियस इशू भी हो सकता है। लेकिन पहले से इसपर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि बाल झड़ने के साथ ही गंजेपन को पहचानने के और भी कई संकेत होते हैं, जिनके बारे में पता होना चाहिए।
गंजापन क्या है?
स्कैल्प से बाल टूटना एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन अगर ये सामान्य से ज्यादा झड़ने लगे तो परेशानी बन सकते हैं। गंजापन पहचानने के लिए यह चेक करना जरूरी है कि कहीं बाल झड़ते समय स्कैल्प का वो हिस्सा साफ तौर तो नहीं दिखने लगा? अगर ऐसा है तो इसे महज हेयर फॉल नहीं, गंजापन माना जाना चाहिए।
गंजेपन के शुरुआती संकेत जिन्हें नहीं करना चाहिए अनदेखा
बाल झड़ने के अलावा भी ऐसे कई संकेत हैं जो गंजेपन की तरफ इशारा करते हैं:
ज्यादातर मामलों में गंजापन सिर के किनारे और सामने से शुरू होता है।
पहचानने के लिए अपनी हेयरलाइन देखें क्योंकि वो धीरे-धीरे पीछे की तरफ जाने लगती है।
पुरुषों में जब गंजापन शुरू होता है तो एम का आकार बनने लगता है।
महिलाओं में मांग निकालने वाली जगह से धीरे-धीरे बाल कम होने लगते हैं।
सिर में सर्कुलर और पैची स्पॉट्स को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
बाल गिरने से पहले स्कैल्प में खुजली और दर्द की शिकायत भी रहती है।
गंजापन जब बढ़ने लगता है तो बाल एकदम पतले और महीन से होने लगते हैं।
एक संकेत यह भी है कि बाल जितने गिर रहे हैं, उससे कम उगते हैं। आसान भाषा में, हेयर ग्रोथ से ज्यादा हेयर फॉल होता है।
गंजेपन के कारण
गंजेपन का कारण अगर कोई बीमारी न हो तो ऐसा जेनेटिक्स, बढ़ती उम्र और मेल हॉर्मोन एंड्रोजन के कारण हो सकता है। इसके अलावा, एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया गंजेपन के सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है।
क्या गंजेपन को रोका जा सकता है?
अगर गंजापन फैमिली हिस्ट्री में नहीं है और इसकी वजह कोई बीमारी नहीं है तो बालों के झड़ने को रोका जा सकता है:
हीट स्टाइलिंग टूल्स का कम से कम इस्तेमाल।
स्कैल्प की रूटीन मसाज जरूर करें।
पोषक तत्वों से भरपुर डाइट लें।
अगर कोई दवा नुकसान कर रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।