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    सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि साइंस है Haldi Ceremony: डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया इसका असली लॉजिक

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    शादी में हल्दी की रस्म सिर्फ एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक कारण है। ...और पढ़ें

    सिर्फ एक रस्म नहीं है शादी की हल्दी, इसके पीछे छिपा है गहरा विज्ञान! (Image Source: AI-Generated)

    सिर्फ एक रस्म नहीं है शादी की हल्दी, इसके पीछे छिपा है गहरा विज्ञान! (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शादी-ब्याह के माहौल में हल्दी की रस्म को एक बेहद खास और सांस्कृतिक परंपरा माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा विज्ञान छिपा है?

    भारतीय घरों में सदियों से हल्दी का इस्तेमाल सिर्फ रसोई में ही नहीं, बल्कि त्वचा की देखभाल, घाव भरने और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए होता आ रहा है। आज का आधुनिक विज्ञान भी आखिरकार उन बातों पर मुहर लगा रहा है, जिन्हें हमारी पारंपरिक प्रथाएं सालों पहले ही समझ गई थीं। आइए, कैलाश दीपक अस्पताल की डर्मेटोलॉजी कंसल्टेंट, डॉ. आरज़ू पाहवा से डिटेल में जानते हैं इस बारे में।

    traditional Indian skincare

    (Image Source: AI-Generated) 

    हल्दी का पावरफुल तत्व है 'करक्यूमिन'

    हल्दी के अंदर जो मुख्य और सबसे असरदार तत्व पाया जाता है, उसे 'करक्यूमिन' कहते हैं। यह तत्व अपने खास गुणों के लिए जाना जाता है- जैसे कि एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल।

    अगर इसे आसान शब्दों में समझें तो यह त्वचा की जलन को शांत करने, सूजन को घटाने और त्वचा के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकता है। इतना ही नहीं, यह धूप और प्रदूषण से त्वचा को होने वाले नुकसान से भी बचाता है। यही कारण है कि हल्दी को हमेशा से साफ, स्वस्थ और चमकदार त्वचा का राज माना गया है।

    कैसे मिलता है 'ब्राइडल ग्लो'?

    हल्दी की रस्म के दौरान इसे सीधे त्वचा पर नहीं लगाया जाता, बल्कि इसमें दही, चंदन, बेसन या दूध जैसी चीजें मिलाई जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि त्वचा के लिए इस शानदार मिश्रण के अपने ही अलग फायदे हैं:

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    • बेसन: यह स्किन एक्सफोलिएशन करने का काम करता है।
    • दही: यह त्वचा को ठंडक और आराम पहुंचाता है।
    • हल्दी: यह स्किन की रेडनेस और जलन को कम करने का काम करती है।

    जब ये सभी चीजें एक साथ मिलती हैं, तो ये स्किन के टेक्सचर को सुधार कर उसे तुरंत तरोताजा बना देती हैं। इसी खूबसूरत निखार को लोग अक्सर 'ब्राइडल ग्लो' का नाम देते हैं।

    Haldi Ritual

    (Image Source: AI-Generated) 

    खुशी, सुकून और त्वचा का कनेक्शन

    एक्सपर्ट की मानें, तो इस रस्म का एक और दिलचस्प पहलू हमारी भावनाओं से जुड़ा है। शादी जैसे बड़े मौके से पहले हल्दी की रस्म खुशी, अपनों से जुड़ाव और आराम का एक शानदार माहौल तैयार करती है।

    हमेशा से देखा गया है कि तनाव का सीधा असर हमारी त्वचा पर सूजन और हॉर्मोनल बदलाव के रूप में पड़ता है। ऐसे में जब आप मानसिक रूप से शांत, खुश और अपनों के बीच सुरक्षित महसूस करते हैं, तो तनाव कम होता है। इसका अप्रत्यक्ष और सकारात्मक असर आपकी त्वचा पर साफ चमकने लगता है।

    कुछ सावधानियां भी हैं जरूरी

    यह सच है कि हल्दी पूरी तरह प्राकृतिक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह हर किसी के लिए 100% रिस्क-फ्री है। सेंसिटिव स्किन वाले कुछ लोगों को हल्दी से हल्की जलन या एलर्जी भी हो सकती है। ऐसा खासकर तब होता है जब:

    • हल्दी में कोई आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट मिला दिया जाए।
    • इसे स्किन पर बहुत ज्यादा देर तक लगाकर छोड़ दिया जाए।

    यही सब बातें हल्दी की रस्म को इतना ज्यादा खास और दिलचस्प बनाती हैं। यह केवल एक दिखावा, रस्म या सुंदरता का प्रतीक नहीं है। यह इस बात का एक बेहद खूबसूरत उदाहरण है कि कैसे हमारे सदियों पुराने रीति-रिवाजों के अंदर सेहत से जुड़ा व्यावहारिक और गहरा ज्ञान छिपा हुआ है।

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