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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बनी तो थी पुरुषों के लिए, फिर कैसे महिलाओं के फैशन का हिस्सा बन गईं Heels?

Published: Tue, 18 Feb 2025 04:29 PM (GMT+05:30)

महिलाओं के फैशन की बात करें और उसमें हील्स का नाम न लिया जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। लेकिन ...और पढ़ें

महिलाओं के फैशन में कैसे शामिल हुईं Heels? (Picture Courtesy: Freepik)
महिलाओं के फैशन में कैसे शामिल हुईं Heels? (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. हील्स को सबसे पहले पुरुषों के लिए बनाया गया था।
  2. सोसायटी में स्टेटे सिंबल थीं हील्स।
  3. महिलाओं ने बाद में हील्स को अपने फैशन का हिस्सा बनाया।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Heels History: फैशन की दुनिया में हील्स यानी ऊंची एड़ी के जूते महिलाओं की स्टाइल और आकर्षण का प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हील्स की शुरुआत महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए हुई थी?

यह बात सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है। हील्स का इतिहास काफी रोचक है और यह समय के साथ बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक पैमानों को दिखाता है।

पुरुषों के लिए बनी थी हील्स

हील्स का इतिहास 10वीं शताब्दी से शुरू होता है। शुरुआत में, हील्स का इस्तेमाल पर्शियन घुड़सवार किया करते थे। घोड़े की पीठ पर बैठे हुए उन्हें अपने पैरों को रकाब में स्थिर रखने के लिए ऊंची एड़ी के जूतों की जरूरत होती थी। यह डिजाइन उन्हें घुड़सवारी के दौरान संतुलन बनाए रखने में मदद करता था। धीरे-धीरे, यह ट्रेंड यूरोप तक पहुंचा और 16वीं शताब्दी में पुरुषों के फैशन का हिस्सा बन गया।

यूरोप में, हील्स को स्टेटस सिंबल के रूप में देखा जाने लगा। ऊंची एड़ी के जूते पहनने वाले व्यक्ति को अमीर और प्रभावशाली माना जाता था, क्योंकि यह दिखाता था कि उसे शारीरिक मेहनत वाले काम करने की जरूरत नहीं है। यहां तक कि फ्रांस के राजा लुई XIV ने भी हील्स को अपने शाही अंदाज का हिस्सा बनाया। उनके जूतों पर अक्सर लाल रंग की हील्स होती थी, जो उनकी शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक थी।

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महिलाओं के फैशन में हील्स की एंट्री

17वीं शताब्दी के अंत तक, हील्स का चलन महिलाओं के बीच भी फैलने लगा। इस दौरान, महिलाएं पुरुषों के फैशन से प्रेरित होकर हील्स पहनने लगीं। यह ट्रेंड विशेष रूप से यूरोप में देखा गया, जहां महिलाएं अपने पहनावे में पुरुषों के परिधानों को शामिल करने लगीं। हालांकि, 18वीं शताब्दी में पुरुषों के बीच हील्स का चलन कम हो गया, लेकिन महिलाओं के लिए यह फैशन का एक अहम हिस्सा बन गया।

19वीं और 20वीं शताब्दी में, हील्स ने महिलाओं के फैशन में एक नई पहचान बनाई। यह न केवल स्टाइल का प्रतीक बना, बल्कि महिलाओं की आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का भी प्रतीक माना जाने लगा। फैशन डिजाइनरों ने हील्स को अलग-अलग डिजाइन और आकर्षक रूपों में पेश किया, जिससे यह महिलाओं के लिए एक जरूरी एक्सेसरी बन गया।

मॉडर्न एज में हील्स

आज के समय में, हील्स महिलाओं के फैशन का एक अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल लंबाई को बढ़ाने का काम करता है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मविश्वास और ग्लैमर का एहसास भी दिलाता है। हालांकि, आधुनिक युग में कम्फर्ट और स्टाइल दोनों को ध्यान में रखते हुए हील्स के डिजाइन में कई बदलाव किए गए हैं। अब फ्लैट हील्स, वेज हील्स और ब्लॉक हील्स जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जो महिलाओं को आराम और स्टाइल दोनों देते हैं।

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