लंबे और शाइनी बालों का सीक्रेट है 'चावल का पानी', बस पता होना चाहिए इस्तेमाल करने का सही तरीका
चावल का पानी बालों के झड़ने, रूखेपन और धीमी ग्रोथ जैसी समस्याओं के लिए एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है। ...और पढ़ें

बालों के लिए वरदान है चावल का पानी (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बालों का झड़ना, रूखापन और धीमी ग्रोथ आजकल की आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में महंगे हेयर प्रॉडक्ट्स की जगह अगर आप नेचुरल और असरदार उपाय अपनाना चाहती हैं, तो चावल का पानी एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है।
सदियों से एशियाई देशों में इसका इस्तेमाल बालों को मजबूत, लंबा और शाइनी बनाने के लिए किया जाता रहा है। इसमें मौजूद विटामिन-बी, सी, ई और अमीनो एसिड बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें अंदर से मजबूत बनाते हैं। आइए जानते हैं चावल के पानी को सही तरीके से लगाने के आसान और असरदार तरीकों के बारे में।
कैसे करें चावल के पानी का इस्तेमाल?
- सादा चावल का पानी- एक कप चावल को अच्छी तरह धोकर 2-3 कप पानी में 30 मिनट भिगो दें। अब इस पानी को छान लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी से बालों को धीरे-धीरे स्कैल्प पर डालते हुए मसाज करें। 5-10 मिनट बाद सादे पानी से वॉश करें।
- फर्मेंटेड राइस वॉटर- चावल को 24 घंटे पानी में ढककर रख दें, जब हल्की खट्टी खुशबू आने लगे तो यह तैयार है। इसे फ्रिज में स्टोर करें। इस्तेमाल से पहले बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाएं। फर्मेंटेड पानी में एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत कर ग्रोथ को प्रमोट में मदद करते हैं।
- राइस वॉटर हेयर मास्क- चावल के पानी में एक चम्मच एलोवेरा जेल और कुछ बूंदें नारियल तेल मिलाएं। इसे स्कैल्प और बालों की लंबाई पर लगाकर 20 मिनट छोड़ दें। यह मास्क ड्राय और डैमेज्ड बालों के लिए खास फायदेमंद है।
- राइस वॉटर स्प्रे- चावल के पानी को स्प्रे बोतल में भर लें और बाल धोने के बीच में स्कैल्प पर हल्का स्प्रे करें। 10 मिनट बाद वॉश करें।
ये कैसे करता है काम?
चावल के पानी में मौजूद इनोसिटॉल बालों के क्यूटिकल को रिपेयर करता है, जिससे टूटना कम होता है। अमीनो एसिड जड़ों को पोषण देकर बालों को मोटा और मजबूत बनाते हैं। नियमित इस्तेमाल से हेयर टेक्सचर बेहतर होता है और नेचुरल शाइन बरकरार रहती है।
सावधानियां
- हफ्ते में 2-3 बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें।
- बहुत ज्यादा फर्मेंटेड पानी सीधे न लगाएं, हमेशा डायल्यूट करें।
- अगर स्कैल्प बहुत ऑयली या सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें।